छत्तीसगढ़

डॉ. जया मिश्रा ने रेनबो कैफे में की भिलाई के साहित्यक क्लब ध्वनि की स्थापना

सोशल मीडिया के माध्यम से किया गया इसका प्रसार

भिलाई: रेनबो कैफे में भिलाई के प्रथम साहित्यक क्लब ध्वनि का शुभारंभ विगत दिनों किया। डॉक्टर जया मिश्रा द्वारा आरंभ पारिजात के तहत मई 2019 में इस क्लब की स्थापना की गई और सोशल मीडिया के माध्यम से इसका प्रसार किया गया।

इस क्लब के कोर्स मेंबर्स डॉक्टर जया मिश्रा, परेश ताम्रकार एवं कृतिका मिश्रा हैं। क्लब की मुख्य संस्थापक डॉक्टर जया मिश्रा विगत कई वर्षों से शिक्षण के क्षेत्र में कार्यरत रही हैं और कला एवं साहित्य में विशेष अभिरुचि के चलते स्कूल एवं विद्यालय में विभिन्न सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों का सफलता पूर्वक आयोजन किया है।

उनका मानना है कि हर इंसान के अंदर एक कलाकार छिपा होता है और भिलाई में ऐसे मंच कि अत्यंत आवश्यकता है जिसके माध्यम से लोग अपनी कला को आवाज और मुकाम दे सकें। जहां कला के प्रेमी अपनी कला से ना केवल सबकों साकार कर सकें अपितु उसे निखार कर ऊंचाइयों तक ले जा सकें।

कई कार्यक्रम हो चुके हैं आयोजित

दुर्ग एवं भिलाई में ध्वनि के अब तक सात ऐसे कार्यक्रम हो चुके हैं जिसमें दुर्ग एवं भिलाई के अलावा खैरागढ़, रायपुर, नांदगांव, कोरबा , अंजोरा यहां तक कि कटनी से भी प्रतिभागी आकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दे चुके हैं और लोगों के भरपूर प्रशंसा बटोर चुके हैं। इन कार्यक्रमों में हर ध्वनि के ये इवेंट्स स्कूल्स, कॉलेज एवं छत्तीसगढ़ के अन्य स्थानों पर भी बहुत ही जल्द होंगे जिससे अधिक से अधिक लोग इस मंच से जुड़ कर अपनी प्रतिभा से सबको रूबरू कराते रहें और उनकी कला रूपी ध्वनि विभिन्न आयामों में सब तक पहुंचती रहे। ध्वनि इसके लिए निरंतर प्रयारत रहेगा।

जनवरी 2020 में एक मेगा इवेंट आयोजित

ध्वनि के तहत आयोजित कार्यक्रमों में सभी प्रतिभागी शायरी , कविता , स्टैंड अप, भाषण ,गायन , नृत्य, मिमिक्री आदि से अपनी अपनी अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं।इसमें किसी भी उम्र एवं वर्ग के लोग हिस्सा के सकते हैं। ध्वनि जनवरी 2020 में एक मेगा इवेंट आयोजित करने जा रहा है जिसकी जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से शीघ्र दी जाएगी। भाग लेने के इच्छुक, क्लब के कोर मेंबर्स से कॉन्टैक्ट कर के अपनी भागीदारी सुनिशचित करा सकते हैं। आगामी सभी इवेंट की जानकारी पारिजात के फेसबुक एवं इंस्टाग्राम पेज से ली जा सकती है।

–ध्वनि का उदे्श्य:

– लोगों की छिपी हुई प्रतिभा से स्वयं को रूबरू कराना ।
-उभरते कलाकारों के कला को निखारना और उन्हें मंच प्रदान करना।
-छत्तीसगढ़ में कला , संस्कृति एवं साहित्य को समृद्ध करना।
-लोगों में व्याप्त स्टेज फीयर दूर करना ।
-लोगों की कला रूपी आवाज के माध्यम से “कला एवं साहित्य” का अद्भुत मंच /संस्था स्थापित करना।

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