बारिश में भीगा करोड़ों का धान, 3 दिनों के मौसम खराबी के बाद भी अधिकारियों ने नहीं ली सुध

रवि सेन

बागबाहरा।

छत्तीसगढ़ में 1 नवम्बर से धान खरीदी कि शुरुआत हो गई है। सभी धान खरीदी केंद्र में धान की आवक बढ़ी हुई है वही सोसायटीयो में परिवहन कर्ताओ की लापरवाही के चलते अभी भी धान सोसायटी में धान जाम पड़े हुए है।

ब्लॉक मुख्यालय अंतर्गत कोमाखान एवम बागबाहरा में 18 सोसायटी बनाये गए है जिसके अंतर्गत 22 धान खरीदी केंद्र संचालित है।

ये है धान खरीदी केंद्र – बागबाहरा अंतर्गत सिर्री पठारीमुड़ा, सुखरीडबरी, गबौद, चरौदा, मामाभाचा, खोपली, तेंदुकोना, सम्हर, आमाकोनी, तुसदा, कोमाखान अंतर्गत – नर्रा,बाघामुड़ा , देवरी , कसेकेरा , कछरडीहि , बसूलाड़बरी , मुनगासेर , खेमड़ा , गांजर , कोमाखान , बकमा एवम पटपरपाली ।

फ़ैथाई चक्रवात ने बिगाड़ा मौसम का मिजाज

राज्य में फ़ैथाई चक्रवात के चलते 3 दिनों से मौसम खराब है । चक्रवात के चलते छत्तीसगढ़ में बदली एवम बारिश हो रही है । बारिश के बाद मौसम काफी सर्द हो गया है । बारिश की वजह से सोसायटीयो में रखा धान भीग गया ।

अधिकारियों ने नहीं की कोई उचित व्यवस्था
कल रात से हो रही बारिश की वजह से खुले में रखे करोड़ो रूपये के धान भीग गए है । मौसम की खराबी के बावजूद अधिकारियों ने इन धानो को ढकने की कोई उचित व्यवस्था नही की जिसके चलते धान भीग गए और अब राज्य शासन को करोड़ो का खामियाजा भुगतना पड़ेगा ।

अब देखना यह है कि इस भीगे

हुए करोड़ों रूपये की धान का ठीकरा किसके ऊपर फूटता है ।अधिकारी धान को ढकने की जिम्मेदारी अपने अधिनस्त कर्मचारियों के दे रखे है लेकिन लापरवाही के चलते सरकार को
करोड़ो का नुकसान हो सकता है ।

रखरखाव के पैसे का गोलमाल

शासन द्वारा धान खरीदी केंद्र में खरीदी सुरु होने से पूर्व ही रखरखाव के लिए प्रत्येक धान खरीदी केंद्र में प्रति क्विंटल लगभग 9 रुपये 45 पैसे दिए जाते है एवम बाद में छतिपूर्ती के लिए लगभग 3 प्रति क्विंटल प्राप्त होता है । ऐसे में एक धान खरीदी केंद्र में लगभग एक से डेढ़ लाख रुपये प्रतिवर्ष धान के रखरखाव के लिए दिया जाता है ।शासन से प्राप्त रखरखाव की राशि के बाद भी करोड़ो रूपये का धान भीग जाना समझ से परे है ।

डीएन नायक (जिला नोडल अधिकारी धान खरीदी) – बागबाहरा एवम कोमाखान के अंतर्गत कितनी सोसायटीयो में धान भीगे है अभी मेरे संज्ञान में नहीं आया है जानकारी लेकर बताता हूं ।

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