छत्तीसगढ़

ग्राम पंचायत सेमरा में स्वच्छ भारत के सपने को लग गया ग्रहण

रितेश गुप्ता:

पसान: मामला है जिला कोरबा विकास खण्ड पोड़ी उपरोडा के अंतर्गत ग्राम पंचायत सेमरा का एक ओर जहां पूरे देश में स्वच्छता मिशन को शौचालय बनाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है. मगर ये योजना धरातल पर दम तोड़ रही है. ग्रामीण इलाकों में बने शौचालयों के हाल बदतर स्थिति में है. जिसे देखने वाला कोई नहीं है..

पंचायत सेमरा- : पूरे देश में स्वच्छ भारत योजना के तहत सरकार द्वारा गरीबों के लिये 12000 रुपये की राशि से शौचालय भी बनवाया जा रहा है किंतु पोड़ी उपरोडा विकाशखण्ड ग्राम पंचायत सेमरा में कई साल बित जाने के बाजवूद पूरा नही हुआ शौचालय निर्माण.

यूं तो शौचालय निर्माण का कार्य कई साल पूर्व ही शुरू कर दिया गया था. इसी के तहत पोड़ी उपरोडा विकासखंड पंचायत सेमरा में भी शौचालय निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया था. निर्माण कार्य शुरू होने के बाद गांव के लोगों में खुशी थी की अब खुले में शौच को नहीं जाना पड़ेगा.

सेमरा में तीन साल से शौचालय अधूरा

पर यहां भी अनियमितता और लापरवाही दोनों देखने को मिला. सेमरा में तीन साल से शौचालय अधूरा पड़ा हुआ है. निर्माण स्थल पर पेड़ उग गया है पर प्रखंड जल एवं स्वच्छता समिति बेखबर हैं. जानकारों की माने तो तीन साल पूर्व जिन लोगों को शौचालय मिला था.

वैसे लाभुकों को सरकार द्वारा नये शौचालय का लाभ नहींं मिल पायेगा तथा उनके द्वारा शौचालय को पूर्ण कराना संभव नही है. ऐसे में ग्राम पंचायत एवं विभाग की लापरवाही के कारण कई लोग शौचालय से वंचित हो जायेंगे तथा उन्हें मजबूरन खुले में शौच को जाना पड़ेगा.

शौचालय बनने के साथ ही कही दरवाजे उखड़े हुए मिले तो तो कही पैन टूटा हुआ. सेमरा के ग्रामीणों की माने तो शौचालय निर्माण में काफी अनियमितता बरती गयी है. घटिया निर्माण कार्य को लेकर अधिकारियों को भी शिकायत की गयी थी. पर इसे गंभीरता से नहीं लिया गया. जिस कारण लोग आज भी खुले में शौच को मजबूर हैं

सरपंच सचिव ने जानकारी देने से किया मना

ग्रामीणों का कहना कि इस सम्बंध में जब भी सरपंच, सचिव से पूछा जाता हैं कि सौचालय का निर्माण कब तक पूरा करवाया जाएगा ,तो उनके द्वारा गोल मटोल जवाब दिया जाता हैं कि अभी पैसा नही आया है तो काम कहा से पूरा होगा।

जब मीडिया की टीम सौचालय निर्माण से संबंधित जानकारी लेने ग्राम पंचायत सेमरा पहुची तो पंचायत में ताला लटका हुआ पाया गया व फ़ोन में संपर्क करने पर सरपंच ,व सचिव द्वारा जानकारी देने से साफ इंकार कर दिया गया। जिससे यह साबित होता हैं की सरपंच, सचिव के साथ साथ ऊपर बैठे अधिकारी भी इन कार्यो के प्रति लापरवाह हैं।

ऐसे में जिले को स्वच्छ भारत मिशन घोषित कर पाना मिल का पत्थर साबित होगा.

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