क्राइमछत्तीसगढ़

पसान ग्रामीण क्षेत्र में नशे और जुए का कारोबार, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान

रितेश गुप्ता:

पसान: ग्रामीण क्षेत्र में नशे एवं जुआ का कारोबार फल-फूल रहा है। धड़ल्ले से जारी इस अवैध कारोबार के गिरफ्त में युवा पीढ़ी आ रही है। नतीजतन इलाकों में चोरी, जुआ की वारदातें बढ़ रही है।

युवा पीढ़ी को नशे एवं जुआ की लत

युवा पीढ़ी के नशे एवं जुआ की चपेट में आने का प्रभाव समाज पर पड़ रहा है। युवा पीढ़ी को नशे एवं जुआ की लत ने पूरी तरह से जकड़ लिया है। जुआ का कारोबार दिन पर दिन बढ़ते जा रहा है। सब कुछ जानते हुए भी पुलिस जुआ के कारोबारियों पर हाथ डालने से कतरा रही है। जिस पर पुलिस प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं है।

पसान व दर्रीपारा में खुलेआम जुए का अड्डा बना हुआ है। इसके अलावा यहां पेड़ की छांव में जुआ खेलने के लिए युवा वर्ग इकट्ठा होते हैं। इसी तरह से नशेड़ियों को खुलेआम गांजा, शराब पीते देखा जा सकता है। विभिन्न गांवों की गली-कूचों में शराब एवं गांजे की उपलब्धता आसानी से हो जाती है,

नशे के चंगुल में जकड़ा हुआ महसूस

जिससे छोटे-छोटे बधो भी नशा करने के आदी हो गए हैं। नशे का कारोबार करने वाले अपना कारोबार दिन-दुनी और रात चौगुनी की रफ्तार से बेखौफ कर रहे हैं। युवा वर्ग नशीली दवाओं का अधिक मात्रा में इस्तेमाल करने लगे हैं। क्षेत्र नशे के चंगुल में जकड़ा हुआ महसूस कर रहा है।

ग्राम में शराब एवं अन्य नशीली पदार्थों , गाँजा का मिलना आम बात हो गई है। गांजा व शराब गांव में सहजता से उपलब्ध है। यहां के बाजार सहित गांव की गलियों में खुलेआम गांजा बेजा जा रहा है। गांजा जहां युवाओं को बर्बाद कर रहा है। वहीं नशे की कारोबारी मालामाल हो रहे है।

गांवों में बने कई अहाते, खंडहर पड़े भवनों, ग्राउंड में शाम होते ही शराबियों का जमावड़ा लगता है। इस रास्ते से होकर गुजरने वाली महिलाओं को छिंटाकशी का शिकार होना पड़ता है। सार्वजनिक स्थानों पर नशापान करने वालों की धर-पकड़ करने में साथ ही नशे का कारोबार रोकने में पुलिस पूरी तरह से नाकाम है।

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