छत्तीसगढ़

नलकूप खनन हेतु विधिवत अनुमति जरूरी

- दीपक वर्मा

राजिम: ग्रीष्मकाल में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने नया नलकूप खनन हेतु जिला प्रशासन की अनुमति आवश्यक कर दिया गया है। नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र में नलकूप खनन हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से विधिवत अनुमति की आवश्यकता होगी। कलेक्टर श्याम धावड़े द्वारा इस माह अप्रैल से मानसून आगमन तक जिले को जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है।

इस अवधि में सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना कोई नया नलकूप पेयजल अथवा पेयजल के अलावा किसी भी अन्य प्रयोजन के लिए खनन नहीं किया जा सकेगा लेकिन शासकीय एजेंसी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को सम्पूर्ण जिले में तथा नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों को केवल अपने नगरीय निकाय की सीमा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में केवल पेयजल हेतु नलकूप खनन के लिए अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।

उन्हें केवल इस अवधि में कराये गये नलकूपों की जानकारी प्राधिकृत अधिकारी को भेजना होगा। कलेक्टर धावड़े द्वारा जन सुविधा को ध्यान में रखते हुए नलकूप खनन हेतु अनुमति प्रदान करने के लिए प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है।

अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी गरियाबंद को जिले के अंतर्गत नगरीय क्षेत्र जैसे नगर पालिका गरियाबंद, नगर पंचायत राजिम, फिंगेश्वर एवं छुरा के लिए अनुमति प्रदान करने हेतु प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार अुविभागीय अधिकरी राजस्व गरियाबंद को राजस्व अनुविभाग गरियाबंद तथा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व देवभोग को राजस्व अनुविभाग देवभोग और अनुविभागीय अधकारी राजिम को राजस्व अनुविभाग राजिम के तहत आने वाले क्षेत्रों में नलकूप खनन की अनुमति प्रदान करने के लिए प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है।

उक्त प्राधिकृत अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियमों में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार नलकूप खनन आवश्यक होने पर अनुमति प्रदान करने की कार्यवाही करेंगे। यदि किसी व्यक्ति या एजेंसी द्वारा उक्त अधिनियम के उलंघन में नलकूप खनन करना पाया जाता है तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे.

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