प्रशासनिक उदासीनता के चलते भड़के बिजली सत्यग्रही, 15 मई से अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल….

गरियाबंद: दशकों से बिजली समस्या से जूझ रहे देवभोग एवं मैनपुर विकासखंड के निवासी राजनैतिक दलों से नाउम्मीद होकर अब महात्मा गांधी के दिखाए सत्याग्रह की राह पर चल पड़े है,विगत 3 माह से क्षेत्रवासी लो वोल्टेज और अघोषित विद्युत कटौती से बेहद त्रस्त हो चुके है.

लगातार विद्युत विभाग को शिकायत करने के बावजूद भी समस्या का कोई हल नही निकलता देख विगत दिनों लगभग 150 गांवों के प्रतिनिधि मंडल कलेक्टर गरियाबंद को अपनी समस्या से अवगत कराने जिला मुख्यालय पहुँचे. लेकिन आचार संहिता का हवाला देते हुए जिलाधीश ने भी प्रतिनिधिमंडल से मिलने को मना कर दिया.

गुस्साए ग्रामीणों ने वापस लौटकर 8 बिंदुओं का ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व) देवभोग को सौंपा और कहा गया कि हमारी माँगो पर यदि प्रशासन द्वारा 7 दिवस के भीतर कोई ठोस पहल नही किया जाता है तो दोनों विकासखंड के ग्रामीण संयुक्त रूप से आंदोलन करने बाध्य होंगे.

निर्धारित समयावधि बीत जाने के पश्चात भी प्रशासन द्वारा कोई पहल न होता देख दोनों विकासखण्ड के ग्रामीणों की संयुक्त बैठक उरमाल में हुई, बैठक में ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग द्वारा बरती जा रही उदासीनता के प्रति जमकर भड़ास निकाली.

आपस मे विचार विमर्श कर ग्रामीणों ने फैसला किया कि अब हम महात्मा गांधी के दिखाए सत्याग्रह के रास्ते पर चलकर अपनी माँगो को पूरा करवाएंगे,आने वाली 15 मई को दोनों विकासखंड के ग्रामीण ब्लाक मुख्यालय देवभोग में अनिश्चितकालीन बिजली सत्याग्रह क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे.

जिसकी विधिवत सूचना 48 घण्टे पूर्व अनुविभागीय अधिकारी एवं पुलिस प्रशासन देवभोग को दे दी जाएगी. ग्रामीणों ने सीधे बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि राशि विभाग को प्राप्त हो चुकी है तो कार्य मे विलम्ब क्यूँ.

बिजली विभाग का शासन, प्रशासन और उपभोक्ताओं को गुमराह में रखना समझ से परे है, बता दें कि बढ़ती मांग को देखते हुए इंदागंव में 132kv लाइन बिछाने एवं उपकेंद्र के लिए 2 वर्ष पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है, राशि भी विद्युत विभाग को जारी किया जा चुका है, लेकिन विद्युत विभाग एवं प्रशासनिक लापरवाही के चलते यह कार्य अब तक लंबित है.

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