यूपी में भारी बारिश की वजह से 24 घंटे में 16 की मौत, झांसी में बाढ़ जैसे हालात

लखनऊ।

उत्तर प्रदेश में हो रही बारिश की वजह से पिछले 24 घंटे में 16 लोगों की मौत हो गई है। कई जिलों में भारी बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। झांसी में आज सुबह चार बजे से हो रही बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

सालों बाद पहूज नदी उफनती दिख रही है। कई इलाकों संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। आवास विकास में मकान गिरने से एक लड़की की मौत हो गई, जबकि 5 लोग जो दबे हुए थे, उनको निकाल लिया गया।

उन्नाव में गंगा में आई बाढ़ की वजह से दो लोगों की मौत हो गई है। जालौन में शुक्रवार रात में हुई तेज बारिश से कई घर गिर गए। कानपुर देहात में घर गिरने की घटनाओं में किशोरी समेत दो की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हुए।

बारिश के चलते आठ दिन में रसूलाबाद-बिल्हौर को जोड़ने वाली सड़क दोबारा धंस गई। फतेहपुर में घर गिरने से मलबे में दबकर दो लोगों ने दम तोड़ दिया। फर्रुखाबाद में जर्जर मकान का लेंटर गिरने से महिला की मौत हो गई। इटावा में शुक्रवार रात झमाझम बारिश के दौरान कई स्थानों पर घर गिरने से पशुधन हानि हुई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाहजहांपुर में आकाशीय बिजली गिरने से छह लोगों की मृत्यु पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड में भी बारिश से बिगड़े हालात

उत्तर प्रदेश के अलावा उत्तराखंड में भी भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से हालात बिगड़े हुए हैं। नदी-नालों का उफान जानलेवा साबित हो रहा है। हरिद्वार के लालढांग क्षेत्र में रवासन नदी में डूबने से एक महिला की मौत हो गई। पखवाड़ेभर में इस नदी में डूबने से यह दूसरी मौत हुई है। बीते चार दिन में मौसम के कहर से मरने वालों की संख्या 11 हो गई है।

बारिश के कारण भूस्खलन से सड़कों पर मलबा आने का क्रम जारी है। चमोली जिले में जोशीमठ के पास चट्टान टूटने से चीन सीमा को जोड़ने वाला मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद हो गया है। सीमा सड़क संगठन के जवान मलबा हटाने का प्रयास कर रहे हैं। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर यातायात लगातार बाधित हो रहा है। शनिवार को मौसम की चेतावनी के मद्देनजर देहरादून, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग और टिहरी में स्कूल बंद रहे।

हिमाचल में 32 सड़कें अब भी बंद शिमला :

हिमाचल में मानसून की गति बेशक धीमी पड़ गई हो, लेकिन कई क्षेत्रों में रिमझिम बारिश का क्रम अब भी जारी है। शनिवार को भी प्रदेश के कुछ स्थानों पर रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई। पिछले दिनों भारी बारिश के कारण मिले जख्म अब भी हरे हैं। नतीजतन प्रदेश में 32 सड़कें अब भी बंद हैं। इन्हें खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग लगातार प्रयास कर रहा, उम्मीद जताई जा रही है कि मौसम साफ रहने पर सोमवार तक इन सड़कों पर यातायात बहाल हो जाएगा।

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