मंदिर में प्रवेश नहीं मिलने की वजह से कुछ जोड़ों ने मंदिरों के गेट पर ही किया शादी

तमिलनाडु में कोरोना के एक्टिव केसों की संख्या एक लाख को पार कर गई

नई दिल्ली: मंदिर में प्रवेश नहीं मिलने की वजह से कुछ जोड़ों ने मंदिरों के गेट पर ही शादी करने का फैसला किया. तिरुवनंतपुरम देवांता स्वामी मंदिर को लेकर लोगों की आस्था है कि इसके परिसर में अगर शादी होती है तो जोड़े का वैवाहिक जीवन सुखमय बीतेगा और उनके जीवन में समृद्धि आएगी.

यही वजह है कि इस मंदिर में पुदुचेरी, विल्लुपुरम और कुड्डालोर से बड़ी संख्या में जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधने के लिए आते हैं. शादी के लिए मुहूर्त वाले दिनों में इस मंदिर के परिसर में 100 से 300 शादियां तक होती हैं.

रविवार को भी मुहूर्त होने की वजह से कई जोड़ों की शादियां इस मंदिर के परिसर में होना तय था, लेकिन कोरोना केसों के बढ़ने की वजह से तमिलनाडु सरकार ने राज्य भर में रविवार को लॉकडाउन लगाने का एलान कर दिया.

इस लॉकडाउन के दायरे में मंदिरों समेत धर्मस्थलों को भी लाए जाने की वजह से ऐसे जोड़े सकते में आ गए, जो मंदिर में शादी के लिए पहुंचे थे. उन्होंने फिर मंदिर के गेट पर ही शादी की रस्में पूरी करने का फैसला किया. हालांकि इस दौरान मास्कए सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों की अनदेखी होती भी दिखी.

शनिवार को तमिलनाडु में कोरोना के एक्टिव केसों की संख्या एक लाख को पार कर गई. ऐसे में राज्य सरकार ने नाइट कर्फ्यू के साथ रविवार को सख्ती से लॉकडाउन लगाने का एलान किया. इस दौरान सब्जी, मीट, मछली की दुकानों के अलावा शॉपिंग मॉल्स, मूवी थिएटर्स और सभी वाणिज्यिक संस्थान बंद रहेंगी. सरकार ने खाने की डिलिवरी के लिए भी सुबह 6 से 10, दोपहर 12 से 3 और शाम 6 से 9 बजे तक के लिए ही इजाजत दी है.

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