फोलिक एसिड की कमी से महिलाओं में बढ़ रहा है इन बीमारियों का खतरा

मल्टीटास्किंग होने के कारण महिलाएं सुबह से लेकर शाम तक काम में लगी रहती है।

मल्टीटास्किंग होने के कारण महिलाएं सुबह से लेकर शाम तक काम में लगी रहती है। इसके कारण वह अपने खान-पान और सेहत पर भी ध्यान नहीं देती, जिसके कारण उनके शरीर में फोलेट यानि फोलिक एसिड की कमी हो जाती है।

इसकी कमी से न सिर्फ शरीर में कमजोरी आती है बल्कि इससे दूसरी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में यह बहुत जरूरी है की इसकी कमी को पहचानकर महिलाएं शरीर में इसकी जरूरत को पूरा करें।

क्या है फोलेट (फोलिक एसिड)?

फोलिक एसिड को विटामिन बी-9 या फोलासीन और फोलेट के नाम से भी जाना जाता है। यह शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं और डीएनए बनाने में मदद करता है। इसके अलावा यह ब्रेन, नर्वस सिस्टम और रीढ़ की हड्डी में तरल पदार्थ पहुंचाने के लिए भी जरूरी होता है। शरीर में इसकी कमी से कई बीमारियों और प्रैग्नेंट महिलाओं में गर्भपात का खतरा भी बढ़ जाता है।

फोलेट की कमी के लक्षण

शरीर में फोलेट की कमी के कारण महिलाओं को थकान, चक्कर आना और सांस फूलना जैसी प्रॉब्लम होने लगती है। त्वचा में पीलापन आना भी इसकी कमी का ही संकेत है। इसके अलावा अनियमित दिल की धड़कनें, वजन घटना, हाथों-पैरों का सुन्न होना, मांसपेशियों में कमजोरी और मानसिक भ्रम या बार-बार भूलना भी इसकी कमी के लक्षण है।

फोलेट की कमी से होने वाले रोग

1. हार्ट अटैक और स्ट्रोक

शरीर में फोलेट की कमी होने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। दरअसल, फोलेट शरीर में हीमोसिस्टीन के स्तर को नियमित रूप से बनाए रखता है। पोलेट की कमी से से हीमोसिस्टीन का स्तर भी कम हो जाता है, जिससे दिल की बीमारियों के साथ हार्ट अटैक और हार्ट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

2. मानसिक विकार

इसकी कमी से महिलाओं में मानसिक विकार जैसे तनाव, डिप्रैशन, साइक्लोथीमिया और डीरियलाइजेशन का खतरा भी बढ़ जाता है।

3. एनीमिया

फोटेस शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स का निर्माण करने के लिए बहुत जरूरी है। ऐसे में इसकी कमी के कारण महिलाओं में एनिमिया की समस्या हो सकती है।

4. कैंसर

खून में फोलेट की कमी कई मामलों में सर्वाइकल कैंसर, स्तन कैंसर, कोलन कैंसर, मस्तिष्क कैंसर और फेफड़ों में कैंसर होने का खतरा भी बढ़ा देती है। ऐसे में जिनता हो सकें फोलेट से भरपूर चीजें खाएं।

5. हाई बीपी

इसकी कमी के कारण महिलाओं में हाई बीपी की समस्या होना भी आम है इसलिए शरीर में इसकी कमी न होने दें।

6. हड्डियों में कमजोरी

यह सिर्फ शरीर लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करने ही नहीं बल्कि हड्डियों को मजबूत भी करता है। ऐसे में इसकी कमी के कारण महिलाएं जल्दी जोड़ों के दर्द, हड्डियों में कमजोरी और ऑस्टियोपोरोसिस जासी बीमारियों का शिकार हो जाती है।

फोलेट या फोलिक एसिड के अच्छे स्रोत

यह स्वाभाविक रूप से दालों और हरी सब्जियों जैसे खाद्य पदार्थों में मिलता है। इसकी कमी को पूरा करने के लिए आप हरी पत्तेदार सब्जियां, फलियां, बीज, अंडा, अनाज और खट्टे फल आदि अपनी डाइट में शामिल है। इसके अलावा ब्रोकली, पपीता, स्ट्रॉबेरी, पिंटो सेम, काले सेम, राजमा और किडनी बींस भी फोलिक एसिड का स्रोत है।<>

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