पद्मश्री और द्रोणाचार्य से सम्मानित आचरेकर को राजकीय सम्मान क्योँ नही – संजय राउत

अब शिवसेना नेता संजय राउत ने इस पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

पूर्व दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट के गुर सिखाने वाले गुरू रमाकांत आचरेकर का निधन दो जनवरी को हुआ.

तीन जनवरी को मुंबई में उनका अंतिम संस्कार हुआ, लेकिन अब शिवसेना नेता संजय राउत ने इस पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

संजय राउत ने ट्वीट किया कि पद्मश्री और द्रोणाचार्य जैसे अवॉर्ड पा चुके आचरेकर जी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ क्यों नहीं कराया गया.

शिवसेना सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर से भविष्य में सरकारी कार्यक्रमों का बहिष्कार करने को कहा.

संजय राउत के अलावा महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने भी ट्वीट कर विरोध दर्ज कराया.

राउत ने ट्वीट किया, “पद्मश्री एवं द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित रमाकांत आचरेकर का अंतिम संस्कार महाराष्ट्र सरकार ने राजकीय सम्मान एवं आदर के साथ क्यों नहीं किया?

सरकार ने रमाकांत आचरेकर के प्रति असम्मान दिखाया है. सचिन तेंदुलकर को अब से सरकारी कार्यक्रमों का बहिष्कार करना चाहिए.”

बता दें कि आचरेकर का उम्र संबंधी बीमारियों के चलते 87 की उम्र में बुधवार को निधन हो गया था.

महाराष्ट्र सरकार में वरिष्ठ मंत्री ने बृहस्पतिवार को कहा था कि सरकारी स्तर पर “संवादहीनता” के चलते आचरेकर का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ नहीं हो पाया.

प्रसिद्ध क्रिकेट कोच के अंतिम संस्कार के मौके पर राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले महाराष्ट्र के आवासन मंत्री प्रकाश मेहता ने कहा कि आचरेकर का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ नहीं किया जाना “दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण” है.

सचिन तेंदुलकर, विनोद कांबली, बलविंदर सिंह, चंद्रकांत पंडित, प्रवीण आमरे, संजय बांगर और रमेश पवार जैसे क्रिकेटरों के करियर को आकार देने में उनके उत्कृष्ट योगदान की सरहाना करते हुए शिवसेना ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में कहा कि राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार नहीं किया जाना “परेशान करने वाला” एवं “दुखद” है.

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