दिल्ली-एनसीआर में हालात बेहद खराब, 10 अक्टूबर तक निर्माण कार्य बंद

29 मॉनिटरिंग स्टेशन पर वायु की गुणवत्ता निराशाजनक

नई दिल्ली :

पूरे दिन दिल्लीवासियों ने सड़कों पर प्रदूषण का आसर महसूस किया। दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण से हालात बद से बत्तर हो रहा है। राजधानी में प्रदूषण की स्थिति अभी भी बेहद खराब होती जा रही है ।

दिल्ली के विभिन्न इलाकों में स्थापित 29 मॉनिटरिंग स्टेशन पर वायु की गुणवत्ता बेहद खराब रही, जबकि चार स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर है।

सीपीसीबी के मुताबिक, वायु गुणवत्ता सूचकांक 367 के स्तर पर रहा, लेकिन पीएम 2.5 और पीएम 10 में होने वाली बढ़ोतरी से आम लोगों की सेहत पर प्रदूषण का खतरा और भी गहराने लगा है।

निर्माण गतिविधियां, वाहनों से होने वाले प्रदूषण और पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने से प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी हो रही है। दस जगहों पर इसका अधिक असर देखा गया।

पीएम 2.5 इस सीजन का सबसे सर्वाधिक 217 पर पहुंच गया। जानकार बताते हैं कि पीएम 2.5 सेहत के लिहाज से पीएम 10 की तुलना में कई गुणा खतरनाक है। सोमवार को एनसीआर में प्रदूषण ज्यादा रहा।

हवा शांत होने की वजह से धूल के कण और धुआं भी कई जगहों पर स्थिर हो जाने की वजह से धुंध और धुएं की स्थिति कभी-कभी बन रही है।

पिछले 24 घंटे के दौरान पराली जलाने में हुई भारी बढ़ोतरी के कारण वायु प्रदूषण का स्तर और ज्यादा गंभीर हो गया है।

अगले दो दिन में हालात और बिगड़ सकते हैं और जल्द ऐहतियात नहीं बरते गए, तो जल्द ही प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच जाएगा।

त्योहार के बाद दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में कई गुना बढ़ोतरी की आशंका के मद्देनजर बोर्ड, एजेंसी और निकायों व संस्थाओं ने दिल्ली वासियों को ऐहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं।

शाम 4 बजे की स्थिति

गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 430, गुरुग्राम 389, ग्रेटर नोएडा 385, दिल्ली 367 और फरीदाबाद 358 रहा।

शांत हवा से जारी है प्रदूषण में बढ़ोतरी

संस्था ‘सफर’ के मुताबिक, शांत हवा होने की वजह से पराली से होने वाले प्रदूषण का स्तर भी पहले की तरह है। हवा के लिए माकूल वेंटिलेशन न होने की वजह से प्रदूषण मौजूदा स्तर के इर्द-गिर्द है। हवा की रफ्तार अगर तेज हो, तो प्रदूषण फैलाने वाले धूल कण बिखर जाएंगे। अगले माह त्योहार के दौरान राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्मॉग होने से हालात और भी बदतर होने के कयास लगाए जा रहे हैं।

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