जातिवाद के चलते गांव की महिलाओं ने तोड़ा एक परिवार का घर, दरबदर भटकने पर मजबूर

- योगेश केशरवानी

बिलाईगढ़: अपनी जमीन बेचना पड़ा महंगा, बेवा महिला की घर को जातिवाद के चलते गांव की महिलाओं ने तोड़ा परिवार दरबदर भटकने पर मजबूर। अभी वर्तमान में चल रहे लोक सभा चुनाव में केंद्र में बैठे मोदी सरकार हर परिवार को पक्के मकान देने की वादे कर रही है तो वही दूसरी ओर बिलाईगढ़ ब्लाक के ग्राम पंचायत बासउरकुली में आज गांव की महिलाओं अपने ही गांव में बीस वर्षो से निवास कल रही बेवा महिला की घर तोड़कर उनके परिवार वालो को दरबदर भटकने पर मजबूर कर दिया हैं।

जी हा आपको बता दे कि बिलाईगढ़ ब्लाक से लगे गांव बासउरकुली का एक मामला है जहां गांव की ही महिलाओं ने अपने गांव में बीस वर्षो से निवास रह रही बेवा महिला की घर तोड़कर खुले आसमान में रहने व दरबदर भटकने पर मजबूर कर दिया हैं।

वही बेवा महिला लता ठाकुर ने बताया कि वे बीस सालो से अपने परिवार वालो के साथ बासउरकुली में रह रही हु ।और बड़ी दुख की बात है कि लता ठाकुर की पिछले 3 साल पहले पति की मृत्यु होने के बाद वे रोजी रोटी मजदूरी कर अपने तीन बेटियों की परवरिश कर रही है ।

वही लता ठाकुर की बड़ी बेटी की विवाह करने के लिए जमीन को बेचना पड़ा जिसे मेहर समाज के व्यक्ति ने जमीन को लिया हैं। जिसे गांव वालों ने मेहर समाज मे जमीन बेचा हैं बोल कर आज लता ठाकुर की घर को तोड़ दिया गया हैं।

जब बेवा महिला ने गांव की महिलाओं को अपने घर को तोड़ने से मना किया तो वही दूसरी ओर धमकी देने लगे कि इस गांव को छोड़कर भाग जाने की बात कहने लगे । और जान से मारने धमकी भी दे डाली।

लेकिन लता ठाकुर को मेहर समाज में अपनी जमीन बेचना इतनी महंगी पडी कि अपने घर से बेघर होना पड़ा जिसके कारण आज पूरे परिवार खुले आसमान में रहने व दरबदर भटकने पर मजबूर हो गए हैं।

वही एक तरफ अभी वर्तमान में चल रहे लोक सभा चुनाव में केंद्र में बैठे मोदी सरकार हर परिवार को पक्के मकान देने की वादे कर रही है । एक तरफ सरकार गरीब व बेवा जैसे लोगों के लिए पेंशन घर बनाने के लिए धन राशि दे रही हैं ।

और उच नीच जाती भेद भाव ख़त्म होने लगी है तो बड़ी बात यह हैं कि आज की दुनिया मे भी लोगों दिल में जाति वाद का भेदभाव बना हुआ है इसका साफ उदहारण देखा जा सकता है । जातीवाद के कारण आज एक परिवार दरबदर भटकने पर मजबूर हो गया हैं।

अब देखने वाले बात ये होगी की शासन- प्रशासन क्या लता ठाकुर को रहने के लिए घर दिला पाते हैं। क्या दोषियों पर कार्यवाही कर पाते हैं । या यूँही दरबदर भटकने के लिए छोड़ जाते हैं।

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