एम्बुलेंस के अभाव में हुई मौत, भड़की विपक्षी दल पर ही जिला अस्पताल प्रबंधन ने लगाया तोड़फोड़ का आरोप

- जिला अस्पताल मुंगेली का मामला

मुंगेली।

प्रदेश के मुखिया डॉ. रमन सिंह ने जिस जिला अस्पताल का उदघाटन किया। मगर जिलेवासी को सीएम से मिले इस सौगात के बाद लगातार मौंते प्रबंधन की हठधर्मिता से उपस्थित स्टाफ द्वारा दुर्व्यवहार करने के लिए मुंगेली का जिला अस्पताल सुर्खियों में ही रहा है।

बेशर्मी की हद तो प्रबंधन ने जब कि दो दिनों पूर्व दुर्घटना से घायल एक व्यक्ति और उनके परिजनों ने लगातार चार घंटे से तड़प रहे घायल के उपचार की मांग की जाती रही मगर वहा का स्टाफ इंचार्ज मोबाइल में ही व्यस्त रहे उसके बाद जब यह मौत की घटना हुई।

तब सत्ता प्रमुख विपक्षी दलों ने आनन-फानन में इसका विरोध किया।मगर भगवान जैसे समझे जाने वाले जिला अस्पताल प्रबंधन ने कांग्रेस के कुछ पदाधिकारी कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाने की रणनीति बनाकर जिला अस्पताल में मारपीट,गालीगलौज, तोड़फोड़ की शिकायत जिलाधीश डी. सिंग से कर दी गई। मगर जिले के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने इस घटना से अपने को अलग ही रखा। ऐसे में जिला कांग्रेस कमेटी का दल भी कलेक्टर से मुलाकात कर बेबुनियाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा लगाए आरोप पर अपना पक्ष रखा।

बता दें करोड़ों के वार्षिक बजट वाले जिला अस्पताल में सत्ताशीन राजनीति का खासा प्रभाव है जिसके कारण विरोध बेअसर ही रहती है। जिला अस्पताल उद्घाटन दिन तमाम मशीनरी सुविधाओं, पर्याप्त विशेषज्ञ चिकित्सक सहित सारे स्टाफ भरपूर होने की बात कही गई।मगर जिला अस्पताल में 15 दिन बाद ही आधे स्टाफ नदारद रहने लगे ,मशीनरी जीर्णशीर्ण हो गई और फिर मुंगेली का जिला अस्पताल आमजनमानस के लिए तहसील जैसा रिफर सेंटर ही हो गया ।

बात पुरानी मगर गौर करने की बात यह भी रही जिस दिन यह जिले के अस्पताल का उद्घाटन था उस दिन तक मुंगेली जिला अस्पताल की दोनों संपर्क मार्ग में बड़े बड़े बोल्डर थे प्रदेश के मुखिया इसी मार्ग से गुजर उद्घाटन भी कर दिया आज इसी संपर्क मार्ग को डेढ़ वर्ष बाद समतली, डामरीकरण का कार्य अभी किया जा रहा है।

उस समय मे संबंधित निर्माण एजेंसी,विभाग,जिला प्रशासन तक से ऐसे घटिया सड़क मार्ग के लिए पूछताछ भी नही हुई। मानो मुंगेली जिले को राज्यशासन पूर्णतः फ्री ही छोड़ रखा है।

अस्पताल प्रबंधन स्टाफ की सैकड़ों शिकायतों के लिए cmho, संचालक स्तर के अधिकारी मुंगेली जिलेवासियों को हर बार कमेटी बनाकर जांच उपरांत कार्यवाही की बात की जाती रही। मगर जिला अस्पताल में कभी कोई कार्यवाही नहीं की गई।

स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लापरवाह,निकम्मे अधिकारियों के लिए जिले के सभी विपक्षी दल,सामाजिक संघठन, एकजुट होकर ज्वलंत मुद्दे के लिए उच्च न्यायालय जाने की योजना संभावित दिख रही है जहां जिले वासी जनहित में राज्य सरकार यदि कोई भी कारण से मुंगेली जिला अस्पताल संचालन में सामर्थ्य नही तो कोई प्राइवेट एजेंसी की व्यवस्था हो ताकि मुंगेली जिले में बेसमय बेकसुर मरीजों की मौत पर रोक लगाई जा सके।

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