छत्तीसगढ़

किशनपुर सरपंच की गिरफ्तारी से सरपंचो में भारी आक्रोश (जांच संदेह के घेरे में)

- मनराखन ठाकुर

पिथौरा: विगत दिनो जनपद पंचायत पिथौरा के ग्राम पंचायत किशनपुर में फर्जीवाड़े पर किशनपुर सरपंच सुरेश खुटे की गिरफ्तारी से जिले के सरपंचो में भारी आक्रोश है। तत्काल दिनांक 14/03/2019 को जिला सरपंच संघ की आवश्यक बैठक पिथौरा में आयोजित कर उक्त मामले के संबंध में आवश्यक चर्चा किया गया । जिसमे ग्राम पंचायत किशनपुर के कुछ शिकायतकर्ताओ द्वारा जिला में शिकायत होने पर 5 सदस्यीय टीम का गठन कर किशनपुर ग्राम पंचायत के समस्त रिकार्डों को जप्ती बनाकर जांच करना जांच कमेटी के जांच को संदिग्ध के घेरे में आता है।

सरपंच संघ के जिला अध्यक्ष रूपलाल पटेल, विकासखंड पिथौरा सरपंच संघ के अध्यक्ष नीलकंठ साहू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि शिकायत प्राप्त होने पर जांचकर्ता अधिकारी को सरपंच सचिव को नोटिस जारी कर रिकार्डो की जांच ग्राम पंचायत भवन में सरपंच, सचिव, शिकायतकर्ताओ के समक्ष जांच करना था। जनपद पंचायत पिथौरा में रिकार्डो को जप्ती कर जांच करना जांच अधिकारियों का शिकायतकर्ताओं से मिलीभगत प्रमाणित होता है। सरपंच संघ के अध्यक्षद्वय ने कहा है कि ऐसी कोन सी लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति निर्मित हो गई थी जिससे ग्राम पंचायत किशनपुर के रिकार्डो को जनपद पंचायत पिथौरा में जांच किया गया है।

सरपंच संघ के अध्यक्ष पटेल एवं साहू ने कहा है कि यदि मनरेगा के कार्यो में फर्जीवाड़ा जांच अधिकारियों ने प्रमाणित पाया है तो सिर्फ सरपंच एवं सचिव के ऊपर ही एफ. आई. आर. दर्ज होना, जांच अधिकारियों द्वारा अधिकारियों द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को बचाना एवं जांच में संदेह उत्पन्न होता है। मनरेगा एक कानून है और यदि मनरेगा के कार्यो में फर्जीवाड़ा होता है तो उसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी रोजगार सहायक, तकनीकी सहायक, कार्यक्रम अधिकारी बल्कि स्वयं मुख्य कार्यपालन अधिकारी भी दोषी पाए जाते है, फिर सिर्फ जांच अधिकारियों द्वारा सरपंच, सचिव को दोषी मानना पूर्णरूपेण गलत है।

सरपंच संघ ने उक्त संबंध में बैठक के पश्चात जनपद पंचायत पिथौरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से चर्चा कर जांच प्रतिवेदन की कापी की मांग किया गया। चर्चा के दौरान स्वयं मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा 25 लाख रुपये की गबन की बात को नकारते हुए 4-5 लाख रुपये का गबन होना बताया गया है। जांच प्रतिवेदन की कापी आज पर्यन्त उपलब्ध नही कराया जाना अधिकारी राज को प्रमाणित करता है।

सरपंच संघ ने जांच अधिकारी पर आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत के रिकार्डो को जप्त कर सरपंच, सचिव की अनुपस्थिति में शिकायतकर्ताओ से मिलकर शिकायत कर्ताओ के अनुसार जनपद पंचायत में जांच करना पूर्णरूपेण शिकायतकर्ताओ को श्रेय देना है। सरपंच संघ ने कहा है कि कोई भी जांच के बाद यदि राशि गबन होना पाया जाता है तो उक्त प्रकरण को अनुविभागीय अधिकारी के पास प्रस्तुत किया जाना था। राशि की वसूली नही होने पर अनुविभागीय अधिकारी द्वारा प्रकरण दर्ज कर पुलिस प्रशासन में एफ.आई.आर. दर्ज किया जाता, किन्तु जांच अधिकारी स्वयं मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा पुलिस थाने में प्रकरण सौप कर एफ.आई.आर. दर्ज कराना समझ से परे है।

सरपंच संघ के अध्यक्षद्वय ने कहा है कि ग्राम पंचायत किशनपुर का प्रकरण तत्काल वापस नही होने पर जांचकर्ता अधिकारियों के विरोध में पूरे जिला के साथ-साथ प्रदेश में आंदोलन कर जांच अधिकारियों की शिकायत मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री से किया जावेगा। जिला सरपंच संघ की बैठक में प्रमुख रूप से रूपलाल पटेल जिलाध्यक्ष, नीलकंठ साहू अध्यक्ष पिथौरा, तेजु चक्रधारी, अध्यक्ष बागबाहरा, संजय भोई अध्यक्ष महासमुंद,दुलीकेशन साहू, संजय अग्रवाल, महेन्द सिन्हा सहित जिला के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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