छत्तीसगढ़

कोरबा जिले के तीस गांवों में फीकी रही दीवाली हाथि‍यों के कारण

छत्‍तीसगढ़ में कोरबा वन मंडल के पांच वन परिक्षेत्रों के तीस गांवों के किसानों के लिए दीवाली फीकी रही. इसका कारण यहां पिछले एक साल से लगातार जारी हाथियों का आतंक है.

दरअसल कुदमुरा, करतला, कोरबा, बालको, पसरखेत वन परिक्षेत्रों में धरमजयगढ़ के रास्ते घुसे लगभग 100 हाथि‍यों के अलग-अलग झुंड ने कोरबा वन मंडल के तीस गावों के किसानों को परेशान कर रखा है.

वन विभाग के आकड़ों पर नज़र डाले तो पिछले दो माह में 400 किसानों की खड़ी फसल को चौपट कर दिया, वहीं पिछले एक साल में 7 ग्रामीणों को कुचलकर मार दिया है, जो एक साल की अवधि में अब तक की सबसे ज्यादा जनहानि है. वहीं वर्ष 2000 से अब तक 17 सालों में हाथी 52 लोगों की जान ले चुके हैं. साथ ही पांच हाथियों की भी मौत हुई है. फसल और जनहानि के साथ ही हाथियों ने लोगो के दर्जनों आशियाने तहस-नहस कर दिए हैं.

इधर वन अमला हुल्लपार्टी की मदद से हाथियों को खदेड़ने में नाकाम साबित हो रहा. विभाग ग्रामीणों को मरहम के रूप में नुकसानी का प्रकरण तैयार कर मुआवजा बांट रहा है, लेकिन हाथियों के उत्पात से निजात दिलाने की कोई ठोस पहल अब तक नहीं की गई है. छत्तीसगढ़ शासन ने पिछले दिनों हाथी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के लिए देहरादून से तीन सदस्यीय टीम को बुलाया था. निरीक्षण के बाद टीम ने कहा कि ग्रामीणों को हाथियों के साथ रहने की आदत डालनी पड़ेगी.

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