एड्स के रोगियों की संख्या अधिक होने के कारण फ्रांस के हाईस्कूल में लगे हैं ये चीज

2006 में ही 96 प्रतिशत स्कूलों में हैं कंडोम की मशीनें

नई दिल्ली:फ्रांस के स्कूलों में कंडोम को लेकर एक ट्वीट वायरल हो रहा है, जिसमें लिखा गया है कि फ्रांस के 96 प्रतिशत हाईस्कूलों में कंडोम वेंडिंग मशीनें लग चुकी हैं. हालांकि ये आंकड़े पुराने हैं. इस वायरल ट्वीट के बाद फ्रांस में एड्स और कंडोम को लेकर चर्चा शुरू हो गई है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक 2006 में ही 96 प्रतिशत स्कूलों में हैं कंडोम की मशीनें लग चुकी हैं. फ्रांस में लगभग 30 साल पहले स्कूल में पहली कंडोम वेंडिंग मशीन लगाई गई थी. 1992 में स्कूलों में कंडोम वेंडिंग मशीन स्थापित करना शुरू किया गया था. एड्स के रोगियों की संख्या अधिक होने के कारण यह व्यवस्था लागू की गई थी.

फ्रांस एक समय में बुरी तरह से एड्स की चपेट में था. सुरक्षित यौन संबंधों को बढ़ावा देने और कम उम्र में होने वाली गर्भावस्था के जोखिम को कम करने के लिए फ्रांस के स्कूलों में ऐसी वेंडिंग मशीनें लगाई गई जिनसे कंडोम लिए जा सकते हैं.

जिन स्कूलों में कंडोम वेंडिंग मशीन हैं, उनमें हाई स्कूल, पब्लिक और प्राइवेट स्कूल शामिल हैं. ये स्कूल स्थानीय सरकार द्वारा वित्त पोषित हैं. शिक्षा विभाग के सर्वेक्षण में इन सभी स्कूलों को प्रदर्शित किया गया है.

स्टेटिस्ता की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में इले-दे-फ्रांस वह क्षेत्र था जहां सबसे ज्यादा करीब 26 मिलियन से अधिक कंडोम बेचे गए थे. इसके बाद ऑवरगने-रौन-अल्पेस लगभग 14.6 मिलियन कंडोम बेचे गए थे.

बता दें कि फ्रांस में पहली बार कंडोम वेंडिंग मशीन 1992 में लगाई गई थी. तब सरकार के फैसले का स्कूल प्रशासन और समाज के कुछ तबकों ने विरोध किया था. हालांकि जल्द ही इस फैसले का लोगों ने स्वागत भी किया था.

एक तथ्य यह भी है कि युवा पीढ़ी के बीच सुरक्षित यौन व्यवहार को लेकर बनी हुई रूढ़ी को तोड़ने वाला फ्रांस एकमात्र देश नहीं है. अमेरिका में भी सार्वजनिक स्कूलों में कंडोम बांटे गए थे.

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