शिक्षा विभाग की लापरवाही से बस्तर सरगुजा संभाग चयनित शिक्षको को सड़क पर उतरना पड़ा

शिक्षा विभाग की लापरवाही से बस्तर एवं सरगुजा संभाग चयनित अभ्यर्थियों ने शिक्षक से नक्सली में तब्दील का बात कहा

कांकेर-बस्तर सरगुजा संभाग चयनित शिक्षको का नियुक्ति नही देने पर बूढ़ातालाब रायपुर में 9अक्टूबर से अनिश्चित कालीन आंदोलन कर रहे हैं छत्तीसगढ़ शासन ने 2019 में राज्य के शिक्षकविहीन स्कूलों में शिक्षकभर्ती 14580 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू किया जिसके अंतर्गत विभाग द्वारा शिक्षक पद के लिए जनवरी2020 और जनवरी 2021 में दो बार सत्यापन करा चुके हैं मगर अभी तक नियुक्ति नही दिया है ऐसे में चयनित अभ्यर्थियों को आर्थिक ,मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है.

विभाग सितंबर 2021 में सिर्फ रायपुर,दुर्ग और बिलासपुर संभाग को नियुक्ति दिया है और बस्तर एवं सरगुजा संभाग के अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय भर्ती एवं अनियमितता केस का हवाला देकर रोक लगा दिया अभी वर्तमान में हाई कोर्ट बिलासपुर द्वारा शिक्षक पद को संभाग संवर्ग का पद घोषित एवं प्रोविजनल के आधार पर शिक्षक पद पर नियुक्ति देने का रास्ता खोल दिया मगर अब भी विभाग द्वारा कोई उचित कार्यवाही नहीं किया है बस्तर एवं सरगुजा के अभ्यर्थियों ने शिक्षा विभाग की गलती का सजा अभ्यर्थियों को भुगतना और बस्तर सरगुजा पिछड़े क्षेत्रों को शिक्षा क्षेत्र में पीछे कर रहा है शिक्षा विभाग के सचिव कमलप्रीत एवं उप संचालक आसुतोष चावरे ने अभ्यर्थियों को बार बार ग़ुमराह कर शारीरिक,आर्थिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का काम किया है शिक्षा विभाग के तरफ हाई कोर्ट में स्टे का बात किया जाता है मगर उसके निराकरण करने का प्रयास बिल्कुल नहीं किया 2020 में स्थानीय भर्ती प्रक्रिया का स्टे लगा हुआ था तो 2021 में बस्तर सरगुजा संभाग में सत्यापन क्यो कराया गया शिक्षा विभाग ने अपात्र अभ्यर्थियों को पात्र कर नियुक्ति दिया था जिसमें अन्य अभ्यर्थी ने उच्च न्यायालय में याचिका लगाया जिसके कारण भर्ती प्रक्रिया पर स्टे लगाया गया शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं सरकारी वकील द्वारा कोई पहल नही कर रहे हैं बस्तर सरगुजा संभाग के स्कूलों में शिक्षकभर्ती नही करने के खिलाफ में चयनित 2300 अभ्यर्थियों के साथ स्थानीय पालकगण,सरकार प्रतिपक्ष राजनैतिक दल समर्थन देने आये हैं माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, शिक्षा मंत्री प्रेमसाय टेकाम,शिक्षा विभाग सचिव कमलप्रीत के नाम से ज्ञापन दिया गया है उपस्थित सभी अभ्यर्थियों का एक ही स्वर में आवाज है कि बस्तर सरगुजा संभाग में चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों को तुरंत नियुक्ति दो,उग्र आंदोलन में नियुक्ति य अर्थी के साथ घर वापसी,बस्तर सरगुजा संभाग में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति नही मिलने पर शिक्षक से नक्सल में तब्दील होने का आवाज बुलंद किया है शिक्षा विभाग की भ्रष्टाचार और नाकामी स्पष्ट नजर आ रहा है।शिक्षकविहीन स्कूलों में ही अभी तक शिक्षक नही पहुच पाये है और रायपुर,दुर्ग,बिलासपुर संभाग जहां शिक्षक पर्याप्त है वहा नियुक्ति दिया गया है.

बस्तर सरगुजा संभाग में चयनित हजारों साथी टॉप में शामिल है उसके बावजूद नियुक्ति से वंचित हैं और कम रैंक वाले अन्य संभाग में नौकरी कर रहे हैं शिक्षा विभाग ने पूरे प्रक्रिया को ही बदल दिया लगातार स्थानीय मंत्री,विधायक से संपर्क किया गया मगर कोई न्याय नहीं मिला कोई कार्यवाही नहीं हुआ है अभी तक का पहला भर्ती प्रक्रिया बन गया है जिसमे योग्य चयनित और टॉपर होने के बाद नियुक्ति से वंचित हैं.

सिर्फ और सिर्फ शिक्षा विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण हो रहा है बच्चों और अभ्यर्थियों को अनदेखा कर समानता का अधिकार नही मिल रहा है जहां शिक्षकविहीन स्कूल है वहा ही शिक्षक की नियुक्ति नही हो पाया है छत्तीसगढ़ के सभी विधायक और मुख्यमंत्री अपने राज्य के चिंता करना छोड़ अन्य राज्यो के दौड़े पर रहते हैं बस्तर सरगुजा आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में ही शिक्षक की कमी है जिस क्षेत्र को विभाग अनदेखी कर रहे हैं।

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