गंगा नदी में डूबा बैंडमिंटन चैंपियन, लाश नहीं मिलने पर हंगामा

अंडर 19 बैडमिंटन चैंपियन विक्रांत सिंह उर्फ विक्की (19) बुधवार की सुबह गंगा में डूब गया। हादसा पीरबहोर थानांतर्गत कृष्णा घाट पर सुबह के तकरीबन दस बजे हुआ।

इस दौरान विक्रांत के दो साथी विश्वकर्मा और राजा कुमार बाल-बाल बच गए। स्थानीय लोगों और नाविकों ने दोनों को बचा लिया।

विक्रांत खेमनीचक, आदर्श कॉलोनी रोड नंबर तीन का रहने वाला था। उसके पिता उमेश सिंह व्यवसाय करते हैं।

इधर, हादसे के आठ घंटे बाद भी गोताखोर के नहीं पहुंचने से नाराज विक्रांत के परिजनों ने जमकर बवाल काटा।

अशोक राजपथ स्थित डीडीई के सामने सड़क जाम कर आगजनी और नारेबाजी की गई। विक्रांत के करीबियों का कहना था कि प्रशासन ने विक्रांत को तलाशने में गंभीरता नहीं दिखाई।

गोताखोर के अलावा एसडीआरएफ की टीम भी देर शाम तक नहीं पहुंची थी। पैर फिसलते ही उफनती लहरों में समां गया विक्रांत अपने पांच दोस्तों के साथ सुबह के वक्त नवरात्रि के लिए गंगाजल लाने गया था।

कृष्णा घाट पहुंचने के बाद वह सीढ़ी से उतरकर नीचे गया। संतुलन खोने के कारण विक्रांत का पैर फिसल गया और वह गंगा में लगी नाव के नीचे उफनती लहरों में समा गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पानी में जाने के बाद वह एक बार भी ऊपर नहीं दिखा। उसे बचाने दो दोस्त भी गए, लेकिन वे भी डूबने लगे।

शोर-शराबा करने पर जुटे लोग डूब रहे दोस्त को देखकर बाकी के लड़कों ने शोर-शराबा करना शुरू किया। इसके बाद आसपास के नाविक और अन्य लोग जुटने लगे।

डूब रहे दो लड़कों को नाविकों ने बचा लिया, लेकिन विक्रांत का कोई अता-पता नहीं चल सका। बिहार के लिए खेल चुका था विक्रांत विक्रांत अंडर 19 में बिहार के लिए भी बैडमिंटन खेल चुका था।

तीन बहनों और दो भाई में वह बड़ा था। इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद विक्रांत बीए में एडमिशन लेने वाला था। मां का रो-रो कर बुरा हाल बेटे के गंगा में डूबने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

जिगर के टुकड़े के डूबने का पता जैसे ही विक्रांत की मां को चला वह दौड़ी-भागी कृष्णा घाट पर चली आयी। विक्रांत की मां की हालत बेहद खराब है। देर शाम मोहल्ले में जैसे ही इस मनहूस खबर लोगों को मिली, आसपास मातम पसर गया।

आक्रोशित लोगों ने किया जाम सड़क जाम के दौरान डीडीई से लेकर पीएमसीएच तक जाम की स्थिति बन गयी। लोगों ने गाड़ियों को निचली रोड यानी रमना रोड और भिखना पहाड़ी की ओर मोड़ लिया। लेकिन चंद ही मिनटों बाद इस रूट पर भी वाहनों की कतार लग गयी।

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