विजयादशमी की धूम, असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है दशहरा….

- मनीष शर्मा

मुंगेली : असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक दशहरा आज को धूमधाम से मनाया गया ।मां दुर्गा की नौ दिनों तक हुई उपासना के बाद आज को दशहरा का पर्व परंपरागत तरीके से मनाया जाएगा. साल के सबसे महत्‍वपूर्ण त्‍योहारों में एक दुर्गा पूजा का भी इसी के साथ समापन हो होगा. मुंगेली में इस बार तीन स्थानों पर भव्य रावण दहन कार्यक्रम है जिसमे बी आर सॉव मैदान,रेस्ट हाउस परिसर व कमल टाकीज के पास रावण किया गया। पौराणिक मान्यता अनुसार भगवान राम के रावण का वध करने और असत्य पर सत्य की विजय के खुशी में इस पर्व को मनाया जाता है. इस दिन जगह जगह रावण दहन किया जाता है.

कहा जाता है कि रावण के पुतले को जला हर इंसान अपने अंदर के अहंकार, क्रोध का नाश करता है. इस दिन मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन भी किया जाता है ऐसा मानना है कि रावण का वध करने कुछ दिन पहले भगवान राम ने आदि शक्ति मां दुर्गा की पूजा की और फिर उनसे आशीर्वाद मिलने के बाद दशमी को रावण का अंत कर दिया. ऐसी भी मान्यता है कि दशमी को ही मां दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस का वध किया था. इसलिए इसे विजयादशमी के रूप में मनाया जाता है.

अलग-अलग है परंपराएं…
प्रदेश भर में अलग-अलग जगह रावण दहन होता है और हर जगह की परंपराएं बिल्कुल अलग हैं. इस दिन शस्त्रों की पूजा भी की जाती है. इस दिन शमी के पेड़ की पूजा भी की जाती है. कई लोग मानते हैं कि इस दिन वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम, सोना, आभूषण नए वस्त्र इत्यादि खरीदना शुभ होता है. दशहरे के दिन नीलकंठ भगवान के दर्शन करना अति शुभ माना जाता है। बीआर सॉव मैदान में शाम रावण दहन गैर राजनीतिक मंच के माध्यम से दशहरा उत्सव समिति के द्वारा किया गया जिसमें नगर के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिकों, मीडिया साथियो की उपस्थिति में हजारों की भीड़ में रावण दहन किया गया।

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