प्रत्येक कुंडली में एक विशेष ग्रह होता है, जो कुंडली का प्राण होता है। उसको लग्नेश कहते है लग्नेश को बलवान बनाइए और जीवन को सुखद बनाइए।

ये आपको लग्न के अनुसार बताया जा रहा है :- आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया ज्योतिष विशेषज्ञ:- किसी भी प्रकार की समस्या समाधान के लिए सम्पर्क कर सकते हो, सम्पर्क सूत्र:- 9131366453

(1) मेष लग्न :- इस लग्न का मुख्य ग्रह सूर्य है। इस लग्न में सूर्य चमत्कारी परिणाम देता है। अगर कुंडली में सूर्य मजबूत हो तो हर तरह की सफलता पाई जा सकती है। सूर्य मजबूत होने पर स्वास्थ्य हमेशा अच्छा बना रहता है।

(2) वृष लग्न :– इस ग्रह का मुख्य ग्रह शनि है। इस लग्न में शनि सबकुछ होता है। अगर शनि मजबूत हो तो सारी समस्याओं का समाधान हो जाता है। इस लग्न में शनि धन , सेहत , वैभव , और रिश्तों का वरदान देता है। अगर शनि मजबूत हो तो कोई भी बीमारी बड़ा रुप धारण नहीं कर सकती है।

(3) मिथुन लग्न :– इस लग्न का मुख्य ग्रह बुध होता है। इस लग्न का स्वामी भी बुध होता है। बुध आर्थिक– मजबूती देता है और व्यक्ति की सोच कों बेहतर रखता है व कमजोर हो तो बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है। व्यक्ति ठीक समय पर निर्णय नहीं लें पाता है और जिंदगी ढह जाती है और कोई भी सफलता नहीं मिलती है।

(4) कर्क लग्न :– इस लग्न का मुख्य ग्रह मंगल है। कर्क लग्न सबसे बड़ा राजसी लग्न होता है। इस लग्न में सबसे बड़ी शक्ती मंगल के पास होती है। अगर मंगल मजबूत हो तो सफलता मिलती रहती है। दुर्घटना और सेहत की समस्या से बचाव होता है। व्यक्ति को कम प्रयास में ही सफलता मिलती है। इस लग्न में अगर मंगल– अच्छा ना हो तो व्यक्ति का विकास नहीं होता है।

(5) सिंह लग्न :– इस लग्न में दो मुख्य ग्रह होतें है मंगल और गुरू। इस लग्न की ताकत दोनों ग्रहों में विभाजित हो जाती है। अगर दोनों ग्रह अच्छें हो तो जीवन में आने वालें उतार – चढ़ाव से बचें रहेंगे। मंगल और गुरू के मजबूत होने पर जीवन में संघर्ष कम हो जाता है। मजबूत होने पर व्यक्ति की ताकत और प्रभाव कों बढाता है।

(6) कन्या लग्न :– इस लग्न का मुख्य ग्रह शुक्र है। शुक्र इस लग्न में सबसे ज्यादा बेहतर परिणाम देता है। शुक्र के मजबूत होने पर वैभव एवं रिश्तों का वरदान मिलता है ,अगर शुक्र अच्छा हो तो ग्लैमर मिलता है और सुख सफलता मिलती है।

(7) तुला लग्न :– इस लग्न का मुख्य ग्रह शनि होता है। अगर शनि मजबूत हो तो व्यक्ति अपूर्व सफलता प्राप्त करता है। जीवन में किसी भी चीज का अभाव नहीं रहता है। शनि के मजबूत होने पर व्यक्ति समाज में विशिष्ठ स्थान पाता है।

(8) वृश्चिक लग्न :– इस लग्न का मुख्य ग्रह गुरू है। गुरु के मजबूत होने पर धन ,मान ,स्वास्थ्य ,संतान और ज्ञान का वरदान मिलता है। गुरू के कमजोर होने पर सफलता नहीं मिलती है।

(9) धनु लग्न :– इस लग्न का मुख्य ग्रह मंगल है। इस लग्न में सारी शक्ति मंगल के पास होती है। मंगल मजबूत होने पर जीवन में संघर्ष कम हो जाता है। मुकदमों और विवादों से छुटकारा मिलता है। धनु लग्न में शनि का दुष्प्रभाव जल्दी हो जाता है। मंगल मजबूत होनें पर ये शनि के दुष्प्रभाव से बचाता है।

(10) मकर लग्न :– इस लग्न का मुख्य ग्रह शुक्र है। शुक्र मजबूत होने पर विद्या ,बुद्धि ,धन का लाभ देता है। ये करियर का लाभ देता है। मजबूत होने पर स्वास्थ और संतान की समस्या से बचाव करता है। इस लग्न वालों कों शराब और नशें से परहेज करना चाहिए।

(11) कुम्भ लग्न :– इस लग्न में मुख्य दो ग्रह होतें है बुध और शुक्र। शुक्र ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। अगर शुक्र अच्छा हो तो नाम ,यश , ग्लैमर मिलता है। व्यक्ति करियर की उचाईयों कों छूता है। शुक्र हर तरह की मानसिक समस्याओं से छुटकारा दिलाता है।

(12) मीन लग्न :– इस लग्न का मुख्य ग्रह चंद्र होता है। इस लग्न की सारी ताकत चंद्र के पास होती है। चंद्र मजबूत होने पर व्यक्ति ज्ञानी ,शानदार और सफल होता है। चंद्र अच्छा करियर देता है। चंद्र मजबूत होने पर अच्छी संपत्ति का वरदान भी मिलता है।

किसी भी प्रकार की समस्या समाधान के लिए आचार्य पं. श्रीकान्त पटैरिया (ज्योतिष विशेषज्ञ) जी से सीधे संपर्क करें = 9131366453
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