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Earthquake : गुजरात में पिछले 24 घंटों में 5 भूकंप के झटके

कल कच्छ क्षेत्र में आए 4.1 तीव्रता के भूकंप (Earthquake) के बाद चार और झटके लगे।

नई दिल्ली/भुज: गुजरात के भुज, अंजार, भचाऊ और रापर आदि कई इलाकों में भूकंप (Earthquake) के झटके लगने से लोगों में दहशत फैल गई। इन क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे में भूकंप के पांच झटके आये हैं। गुरुवार को सुबह दुधई से 17 किमी दूर सुबह 5.21 बजे 1.9 तीव्रता का झटका लगा। भूगर्भ वैज्ञानिकों का मत है कि छोटे भूकंपों के बाद बड़ा भूकंप आने की संभावना बढ़ जाती है।

इससे पहले बुधवार सुबह ही सौराष्ट्र में भी भूकंप के बेहद हल्के झटके महसूस किये गए थे। जामनगर जिले के लालपुर से 19 किमी पूर्व-उत्तर पूर्व में था। सुबह सात बजकर 16 मिनट पर 2.6 तीव्रता का भूकंप (Earthquake) आया। भूकंप (Earthquake) का केंद्र कोयना बांध से आठ किलोमीटर दूर था। दोपहर 2.09 बजे 4.1 तीव्रता के भूकंप ने पूर्वी कच्छ के क्षेत्र को हिला दिया था। भूकंप (Earthquake) से भुज, अंजार, भचाऊ और रापर सहित इलाके के लोगों में दहशत फैल गई। इंस्टीट्यूट ऑफ सीस्मोलॉजी रिसर्च सेंटर के अनुसार इस भूकंप (Earthquake)  का केन्द्र दुधई के सात किमी उत्तर पूर्व में था। बनियारी के पास जमीन से 30.5 किमी की गहराई पर आए झटके से अंजार, आदिपुर, गांधीधाम, भुज, भचाऊ, रापर सहित तालुका के गांवों के लोगों में दहशत फैल गई।

कच्छ में पांच झटके

भूकंप (Earthquake) के डर से अंजार, गांधीधाम और भचाऊ के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कल दोपहर से कच्छ में पांच झटके महसूस किए गए। कच्छ के दुधई, दुदाई, रापर और भचाऊ में झटके महसूस किए गए। कल कच्छ क्षेत्र में आए 4.1 तीव्रता के भूकंप (Earthquake) के बाद चार और झटके लगे। इनकी तीव्रता क्रमशः 1.6, 2.5, 1.2 और 1.9 थी। बताया गया कि भचाऊ से 9 किमी दूर 9.15 बजे 1.6 तीव्रता का झटका आया था। इसके बाद रापर से 18 किमी दूर 11.07 बजे 2.5 तीव्रता का झटका लगा। गुरुवार के दुधई से 17 किमी दूर सुबह 5.21 घंटे 1.9 तीव्रता का झटका लगा। पांच झटकों में से तीन झटके केवल दुधई क्षेत्र के आसपास पांच में से तीन झटके आए हैं।

इस साल में कच्छ में अब तक 4 या उससे अधिक तीव्रता के चार झटके दर्ज किये गये हैं, जिनमें 23 अगस्त को रापर के पास 4.1, 5 जुलाई को भचाऊ के पास 4.2, 15 जून को भचाऊ के पास 4.1 और 15 जून को भचाऊ के पास 4.6 तीव्रता का भूकंप आया था।

शोधकर्ताओं का कहना है कि झटके और छोटे भूकंप (Earthquake) आना एक अच्छी बात है। हालांकि चौंकाने वाला तथ्य यह है कि अनुसंधान के अंत में एक बड़ा भूकंप कच्छ में किसी भी समय आ सकता है।

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