खुले में शौच करती हैं लड़कियां, घरवाले देते हैं पहरा

पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने अपने इलाके को खुले में शौच से मुक्ति की घोषणा कर दी है

खुले में शौच करती हैं लड़कियां, घरवाले देते हैं पहरा

पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने अपने इलाके को खुले में शौच से मुक्ति की घोषणा कर दी है लेकिन क्या वाकई ऐसा है। मयूर विहार फेज-2 के पास स्थित खिचड़ीपुर में आज भी लोग बाहर शौच करने को मजबूर हैं। यहां तक कि घर की लड़कियां भी बाहर जाकर ही शौच किया करती हैं और घरवाले उनकी सेफ्टी के लिए पास ही खड़े रहते हैं। इस बात की जानकारी तब सामने आई जब कुछ मनचलों ने लड़कियों का वीडियो बना लिया।

यही वजह वहां रहने वाले लोगों के मन में इस बात का डर हमेशा बैठा रहता है कि कहीं सरकार की लापरवाही की वजह से उनके अपनों की जिंदगी खतरे में न पड़ जाए। इलाके के पास 84-सीटर टॉयलेट कॉम्प्लेक्स तो है लेकिन वो किसी काम का नहीं। कुछ महीने पहले ही टॉयलेट कॉम्प्लेक्स की रिपेयरिंग की गई है, लेकिन इसके बावजूद भी लोग उसका प्रयोग नहीं कर पाते। इसके पीछे की वजह पानी का नहीं होना है। वहां मौजूद ज्यादातर टॉयलेट कॉम्प्लेक्स पानी की कमी के कारण यूजलेस हैं।

कॉम्प्लेक्स के केयरटेकर राजेंद्र की मानें तो बोरिंग पानी को ऊपर तक लाने में सक्षम नहीं है, पानी की टंकी के इस लोड को उठाने के लिए यहां न्यू बोरिंग लगाने की जरूरत है। साल की शुरुआत में स्लम्स में रहने वाले ज्यादातर लोगों ने इस तरह के कॉम्प्लेक्स का इस्तेमाल करना शुरू किया था। सरकार ने भी कई टॉयलेट कॉम्प्लेक्स बनाकर इलाके को खुले में शौच मुक्त घोषित किया था।

खिचड़ीपुर में रह रहे लोगों ने बताया कि खुले में शौच करने से उन्हें कई तरह की समस्या से होकर गुजरना पड़ता है। एक शख्स की मानें तो रात के अंधेरे में जब वह शौच करने के लिए बाहर निकला तो वह रास्ते में ही गिर गया। जिसके बाद उसका एक पैर टूट गया। वहीं लड़कियों से छेड़छाड़ की घटनाएं तो यहां के लिए आम है।

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