ट्रेन लेट हुई तो, ई-टिकट पर भी रिफंड

 ई-टिकट पर भी सौ फीसदी रिफंड मिलेगा। 50 फीसदी किराया तत्काल सीधे खाते में पहुंचेगा और बाकी 50 फीसदी भुगतान यात्रा की जांच रिपोर्ट आने के बाद होगा। सुविधा का लाभ पाने के लिए यात्रियों को ऑनलाइन टीडीआर (टिकट डिपाजिट रिसिप्ट) भरना होगा।
ट्रेनों के देर से आने पर रिफंड की सुविधा अभी तक सिर्फ काउंटर टिकट पर ही थी। रेलवे ने रिफंड के नियमों में बदलाव कर ई-टिकट में भी इस सुविधा को शुरू कर यात्रियों को बड़ी सहूलियत दी है। रेलवे जोन के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक और आईआरसीटीसी के चेयरमैन को निर्देश दिए हैं कि इस सुविधा का लाभ यात्रियों को तत्काल उपलब्ध कराएं। रिफंड पाने के लिए तय समय से तीन घंटे विलंब से ट्रेन आए और यात्री टिकट कैंसल कर रिफंड का आवेदन टीडीआर भरकर करें।
इसके बाद ईडीआर (एक्सेप्शनल डाटा रिपोर्ट) से मिलान किया जाएगा कि यात्री ने सफर किया है कि नहीं। रिपोर्ट में अगर यात्री ने सफर नहीं किया तो है 50 फीसदी किराए का भुगतान खाते में चला जाएगा।
ई-टिकट 60 फीसदी बनता है
60 फीसदी यात्री ई-टिकट पर सफर करते हैं। पिछले साल 58.80 प्रतिशत ई-टिकट बने थे। मोबाइल एप से भी टिकट बुकिंग होने से ई-टिकट बनवाना आसान हो गया है। रेलवे के जानकारों की माने तो काउंटर टिकट की जगह अब लोग ई-टिकट बनवा रहे हैं.
सर्विस चार्ज की छूट 31 मार्च तक
ई-टिकट पर सर्विस चार्ज की छूट की अवधि बढ़ा दी है। आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया कि दिसंबर 2017 तक दी गई छूट को बढ़ाकर अब 31 मार्च 2018 तक कर दिया गया है।
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