ईकोफ्रेंडली इंटीरियर: कॉर्क से आशियाने को दें ख़ूबसूरत लूक

बोतलों के ढक्कन के रूप में प्रयुक्त होने वाले कॉर्क ने सत्तर के दशक में इंटीरियर के क्षेत्र में अपनी पैठ बनाई थी। बाद में इसकी जगह चमक दमक वाली सनमाइका व अन्य चमकीली शीट्स ने ले ली। लोगों का रुझान अब ग्रीन इंटीरियर की तरफ हुआ है ऐसे में कॉर्क की मांग एक बार फिर से बढ़ी है। इस बार 21वीं शताब्दी के रंगों में रंग कर लौटा यह कॉर्क अब घरों से लेकर ऑफिसों तक के इंटीरियर को समृद्ध बना रहा है। इतना ही नहीं, ईकोफ्रेंडली होने के साथ-साथ यह ध्वनि प्रदूषण का प्रभाव भी कम करता है।
दीवारों पर सजावट: इंटीरियर
डिजाइनर पूनम के मुताबिक कॉर्क लचीला व अभेद्य मैटीरियल होने के कारण दीवारों पर तापमान नियंत्रक के तौर पर भी काम करता है। ऐसे में इसके मौलिक रूप को विभिन्न डिजाइनों में दीवारों पर लगाया जा रहा है।
घरों के अलग-अलग कमरों में इसे अलग- अलग फिनिश में लगाया जा रहा है। दीवारों के अलावा फर्श की टाइलों के रूप में भी इसका प्रयोग किया जा रहा है। मैचिंग फर्नीचर के साथ कॉर्क के फर्श व दीवारें बनवाना लोग खासा पसंद कर रहे हैं। घरों में यह आवाज को अवशोषित करता है।
कॉर्क लाइटनिंग:
कॉर्क को फर्श व दीवारों पर लगाने का प्रयोग किया जा रहा है। इंटीरियर डिजाइन हिना के मुताबिक इस समय लाइटों व झूमरों को लगाने के लिए कॉर्क की मांग बहुत अधिक है। यह लोगों को एक नई चीज लगती है। ऐसे में लोग कॉर्क लाइर्टंनग को बहुत पसंद कर रहे हैं।
फर्नीचर व ताखों में कॉर्क :
लोग फर्नीचर को नया व अनूठा लुक देने के लिए कॉर्क की डिजार्इंनग करवा रहे हैं। इंटीरियर डिजाइन गीतांजलि के मुताबिक टेबल, चेयर, अलमारी व स्टूल सेट आदि के अलावा छोटी स्टाइलिश ताख व खिड़कियों पर भी कॉर्क टच बेहद आकर्षक लगता है।
जरूरत से लेकर सजावट तक के लिए:
कॉर्क बाथरूम के फर्श से लेकर पिनबोर्ड तक में प्रयुक्त किया जा रहा है। आज के दौर के ट्रेंड में लोग पिनबोर्ड पर कोलाज से दीवारें सजाते हैं। ‘कॉर्क नए इंटीरियर ट्रेंड के रूप में उभरा है। इसपर विभिन्न प्रयोगों से इसे बहु उपयोगी बनाया गया है। घरों में लोग कॉर्क फिनिश चाहते हैं। घरों व रेस्टोरेंट्स में बार आदि के इंटीरियर में मैंने कॉर्क का प्रयोग किया है। हालांकि अभी इस पर ज्यादा काम नहीं किया है लेकिन अब इसका ट्रेंड काफी हद तक लोगों को आकर्षित कर रहा है।’

Back to top button