राष्ट्रीय

ईडी का शिकंजा, काला धन सफेद करने वालों पर

कालेधन को सफेद करने की गतिविधियों में शामिल लोगों पर शिकंजा कसना जारी है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मोहम्मद अयूब मीर को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया है. मीर पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य है. फेमा (फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट ऐक्ट) के तहत दिल्ली के दो हवाला कारोबारियों बेच राज बेंगानी और हरबंस सिंह को भी नोटिस भेजा गया है.

नोटबंदी के दौरान काले धन को सफेद करने में संलिप्त बैंक अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है. ईडी ने एक्सिस बैंक के कर्मचारी नितिन गुप्ता समेत अन्य बैंक अधिकारियों की 8.47 करोड़ कीमत की संपत्ति जब्त कर ली है.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मोहम्मद अली मीर को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया था. पुलिस ने मीर को हरबंस सिंह से हवाला के 7 लाख रुपए लेते हुए पकड़ा था. इस सूचना के आधार पर ईडी ने फेमा के तहत जांच शुरू कर दी थी.

बेच राज बेंगानी हवाला कारोबार में लंबे समय से है. फेरा 1973 के तहत बेच राज के खिलाफ 50 लाख का जुर्माना भी लगाया जा चुका है. अयूब मीर और हरबंस सिंह को दिल्ली के एडीशनल सेशन जज ने पोटा के सेक्शन 3(5) और 22(3) के तहत दोषी करार दिया था.

फर्जी कंपनियों के जरिए कालेधन को सफेद बनाने की कोशिश होती थी, जिसके बाद 2 लाख से ज्यादा कंपनियों पर रोक लगा दी गई है. बैंकों की ओर से 5800 फर्जी कंपनियों की लेन-देन की डिटेल्स जारी की गई हैं. ये कंपनियां मनी लॉन्ड्रिंग और कालेधन को सफेद करने की गतिविधियों में शामिल थी.

कई कंपनियों के 100-100 खाते थे. कुल 2,09,032 कंपनियों पर संदिग्ध गतिविधि की जानकारी के बाद रोक लगा दी गई है. इनमें से एक कंपनी के लगभग 2134 खाते थे. नोटबंदी के बाद इन फर्जी कंपनियों ने करीब 4573.87 करोड़ रुपए की लेन-देन की थी.

इससे पहले सरकार ने कहा था कि वह शेल कंपनियों से संबंध रखने वाले 4.5 लाख डायरेक्टर्स को अयोग्य करार दे सकती है. केंद्रीय मंत्री पीपी चौधरी ने कहा है कि कालेधन के ख‍िलाफ सरकार की लड़ाई जारी रहेगी.

कॉरपोरेट मामलों के मंत्री पीपी चौधरी ने कहा कि वैध कंपनियों को इस प्रक्रिया से कोई परेशानी नहीं होगी. उन्होंने कहा कि जो कंपनियां नियमों के विरुद्ध काम कर रही हैं,

Summary
Review Date
Reviewed Item
काला धन
Author Rating
51star1star1star1star1star
Tags

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.