गिरफ्तार हुए पी चिदंबरम को आज राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश करेगी ईडी

सीबीआई केस में पूछताछ के लिए आरोपी की 14 दिनों की रिमांड मांग

नई दिल्‍ली: आईएनएक्स मीडिया से जुड़े भ्रष्टाचार और धनशोधन के मामलों में आरोपी पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम को सीबीआई(Central Bureau of Investigation) ने आखिरकार है ओल्टेज ड्रामे के बाद गिरफ्तार कर लिया.

पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम को आज जांच एजेंसी दोपहर 2 बजे राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश कर सकती है. यहां सीबीआई केस में पूछताछ के लिए आरोपी की 14 दिनों की रिमांड मांग सकती है.

स्पेशल जज अजय कुमार कुहार की अदालत में चिदंबरम की पेशी

स्पेशल जज अजय कुमार कुहार की अदालत में चिदंबरम की पेशी होगी. यहां चिदंबरम अदालत में जमानत के लिए याचिका दायर कर सकते हैं. चिदंबरम को रात भर सीबीआई मुख्‍यालय में रखा गया. यहां उनकी मेडिकल जांच भी कराई गई.

ध्‍यान भटकाने के इरादे से की गई अनुच्‍छेद 370

वहीं, उनके बेटे कार्ति चिदंबरम ने अपने पिता की गिरफ्तारी को लेकर कहा कि अनुच्‍छेद 370 के मुद्दे से ध्‍यान भटकाने के इरादे से की गई है. इससे पहले उन्‍होंने कहा था कि उनके पिता को जिस नाटकीय ढंग से गिरफ्तार किया गया, वह सिर्फ राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है.

अब तक कोई आरोप नहीं

कार्ति चिदंबरम ने कहा कि कथित कृत्य 2008 में हुआ और उसमें अब तक कोई आरोप नहीं है. इससे पहले ‘गायब’ चल रहे पी चिदंबरम बुधवार को अचानक कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे और प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में खुद को निर्दोष बताया.

उन्होंने कहा कि वह ‘कानून से बच नहीं रहे हैं, बल्कि कानूनी संरक्षण की तैयारी कर रहे हैं’ और उम्मीद जताई कि जांच एजेंसियां ‘कानून का सम्मान करेंगी.’ चिदंबरम ने कहा, “मैं इस बात से भौंचक्क हूं कि मुझ पर कानून से भागने का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि इसके विपरीत मैं कानूनी संरक्षण पाने की तैयारी कर रहा हूं.

मुझ पर आरोप है कि मैं न्याय से भाग रहा हूं, जबकि इसके विपरीत मैं न्याय की खोज में लगा हुआ हूं.” उन्होंने कहा कि वह शुक्रवार तक इंतजार करेंगे, जब सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई का फैसला किया है.

इसके बाद वह यहां से वह अपने जोर बाग स्थित आवास पहुंचे. इस बीच लुकआउट नोटिस जारी करने वाली सीबीआई और ईडी की टीम उनके घर जा पहुंची. दरवाजा बंद देख सीबीआई की टीम दीवार फांदकर अंदर गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उन्हें सीबीआई मुख्यालय ले जाया गया.

इससे पहले आईएनएक्स मामले में अग्रिम जमानत याचिका रद्द करने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम की याचिका सुप्रीम कोर्ट की पीठ में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं की गई थी.

उचित पीठ में मामले की सुनवाई के लिए प्रयासरत

वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की अगुआई में कई वकील बुधवार सुबह से उचित पीठ में मामले की सुनवाई के लिए प्रयासरत रहे. सिब्बल ने न्यायमूर्ति एनवी रमन्‍ना की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कहा, “हमारे पास कोई विकल्प नहीं है, इसलिए हम दोबारा यहां आए हैं.” न्यायमूर्ति रमन्‍ना ने कहा कि याचिका में कुछ खामियां पाई गई हैं.

सिब्बल ने कहा था कि खामियां दूर कर दी गई हैं और उन्होंने मामले को अदालत के समक्ष मौखिक रूप से पेश करने का आग्रह किया और मामले को यथासंभव जल्द से जल्द सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया था. सिब्बल ने कहा, “मेरा मुवक्किल कहीं नहीं भाग रहा है और उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया है. वह यह लिखकर देने को तैयार हैं कि वह कहीं नहीं जा रहे हैं.”

न्यायमूर्ति रमन्‍ना ने रजिस्ट्रार को बुलाया, और रजिस्ट्रार ने अदालत को बताया कि याचिका की खामियां दूर हो गई हैं और सत्यापन के बाद याचिका सूचीबद्ध कर दी जाएगी. याचिका पर सुनवाई के लिए सिब्बल के जोर देने पर न्यायमूर्ति रमना ने इससे इंकार कर दिया था.

उन्होंने कहा कि सूचीबद्ध किए बिना मामले की सुनवाई नहीं की जा सकती. इससे पहले न्यायमूर्ति रमन्‍ना की अगुआई वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले में अग्रिम जमानत देने से इंकार करते हुए याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए मामले को प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के पास भेज दिया था.

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