एजुकेशन सिटी की जमीन मामले में फिर होगी ओपी चौधरी के खिलाफ जांच

राज्यपाल ने चीफ सिकरेट्री सुनील कुजूर को किया निर्देशित

रायपुर: दंतेवाड़ा के जांगला में वर्ष 2010-11 में एजूकेशन सिटी बनाए जाने के मसले पर ग्रामीणों की ओर से की गई शिकायत पर राज्यपाल अनूसुईया उईके ने राज्य सरकार को मामले की संपूर्ण जाँच करने और ग्रामीणों को राहत मुआवज़ा शीघ्र प्रदान किए जाने के निर्देश दिए हैं।

वहीं इस मामले में अब दंतेवाड़ा के पूर्व कलेक्टर एवं बीजेपी नेता ओपी चौधरी के खिलाफ फिर जांच होगी। राज्यपाल ने चीफ सिकरेट्री सुनील कुजूर को जांच करने के लिए निर्देशित किया है। राज्यपाल के सिकरेट्री सोनमणि बोरा ने राज्यपाल के हवाले से चीफ सिकरेट्री को पत्र लिख मामले की पूर्ण जांच करने कहा है।

राज्यपाल अनुसूईया उईके से ग्रामीणों ने मुलाक़ात कर यह शिकायत की थी कि, एजूकेशन सिटी के लिए इस आश्वासन के साथ ज़मीन ली गई कि, उनके प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को नौकरी, बच्चों को मुफ़्त शिक्षक अन्य भुमि पट्टा दिया जाएगा। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

उधर, ओपी चौधरी का कहना है, मैंने हमेशा छत्तीसगढ़ के हित के लिए काम किया है। दंतेवाड़ा का एजुकेशन सिटी देश के लिए एक माडल है। इसके लिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के हाथों मुझे प्राइममिनिस्टर अवार्ड मिल चुका है।

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