छत्तीसगढ़

शिक्षा मंत्री के OSD राजेश सिंह की छुट्टी, तबादला सूची में गड़बड़ी का आरोप

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक पहुंची थी OSD के खिलाफ शिकायत

रायपुर: पद में रहते हुए बड़े-बड़े आरोप(तबादला सूची में गड़बड़ी) में आदेश जारी कर शिक्षा मंत्री के OSD राजेश सिंह को पद से हटाया गया। बता दें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक OSD के खिलाफ शिकायत पहुंची थी।

यहां तक कि ट्रांसफर के घमासान के बीच जो कैबिनेट की बैठक हुई थी, उस बैठक में भी राजेश सिंह के कारनामों की खूब चर्चा हुई थी और उस दौरान भी OSD पर मंत्रियों ने खूब भड़ास निकाली थी।

जिस तरह का गुस्सा OSD के खिलाफ भड़का था, उसके बाद ही साफ हो गया था कि राजेश सिंह की छुट्टी कभी भी हो सकती है। उस पर लिस्ट में बड़ी बड़ी गड़बड़ी ने सारी कसर पूरी कर दी।

बताया जा रहा कि खुद शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह ने ही OSD राजेश सिंह को हटाने की सिफारिश की थी। राजेश सिंह पर ना सिर्फ तबादला में गड़बड़ी का आरोप था, बल्कि स्कूल में जबरन खरीदी करवाने और कई घोटाले के आरोप थे।

जानकारी के मुताबिक शिक्षा मंत्री के OSD का अतिरिक्त प्रभार होने के बाबजूद राजेश सिंह के कारनामे एक से बढ़कर एक रहे थे। हालांकि अब उन्हें डायरेक्टरेट भेज दिया गया है।

*तबादले में बड़े पैमाने पर हुई थी गड़बड़ी*

शिक्षा विभाग में इस बार बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी। संविलियन के बाद शिक्षकों की तादाद लाखों में पहुंच गई थी। वर्षों तक एक ही स्कूल में अटके शिक्षकों ने बड़े पैमाने पर तबादले के लिए आवेदन किये। लिहाजा पैसे का जमकर खेल चला।

पैसे की वजह से नियम कानून की धज्जियां उड़ा गयी। सरकार ने तबादले के लिए जो प्रारूप बनाये थे, वो सब धरे के धरे रह गए। आलम ये हुआ कि ना प्रभारी मंत्री की अनुशंसा काम आयी और ना विधायक व मंत्री की सिफारिश का कोई ख्याल रखा गया। जिसके बाद ही राजेश सिंह के ख़िलाफ़ गुस्सा भड़क गया था।

स्कूल में हज़ारों की खरीदी करवाने को लेकर भी राजेश सिंह पर गंभीर आरोप थे। अम्बिकापुर के एक फर्म से स्कूलों में जबरन खरीदी कराकर उसका भुगतान करा दिया गया। इसके लिए DEO को निर्देशित भी राजेश सिंह ने किया था। खुद कई DEO ने इसकी पुष्टि की थी।

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