शिक्षाकर्मी { ग्रामीण } को शासकीय सेवक नहीं मानती सरकार

शिक्षाकर्मी { ग्रामीण } को शासकीय सेवक नहीं मानती सरकार

रायपुर : राज्य शासन के पंचायत संचालनालय से जारी एक पत्र ने शिक्षाकर्मियो के संविलियन की माँग को ज़बर्दस्त झटका दिया है। पंचायत संचालनालय ने प्रदेश के सभी जिला पंचायत के सीईओ को पत्र जारी कर स्पष्ट किया है कि

“शिक्षाकर्मी (ग्रामीण )शासकीय सेवक नही है और इनके वेतन भत्तों आदि के भुगतान हेतु शासन की ओर से अनुदान के रुप में सहायता दिया जाता है.

इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जैसे पंचायतों को माँग संख्या 15,80और 82 का संबंध पंचायतों को दिए जाने वाले अनुदान से है, इसमें पंचायतों की विभिन्न योजनाओं (वेतन भत्ते सहित ) के क्रियान्वयन हेतु तीन माँग संख्याओं में प्रदत्त अनुदान का उपयोग किया जाता है

उसी तरह शिक्षाकर्मियो के वेतन का भुगतान इस मद से हो। ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षाकर्मी का संबंध ना तो ट्रायबल से है और ना ही स्कुल शिक्षा विभाग से।

पत्र यह भी स्पष्ट करता है कि सर्व शिक्षा अभियान  राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान एवं नगरीय निकाय के शिक्षाकर्मियो के वेतन भुगतान पंचायत विभाग से संबंधित नही है, इसलिए उपरोक्त तीनों का भुगतान के लिए पंचायत के अनुदान के लिए निर्धारित माँग संख्या 15,80 और 82 का उपयोग नही किया जाना चाहिए।

पत्र वेतन को लेकर व्यवस्था को स्पष्ट रुप से परिभाषित करता है .

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