एकादशी 2018: उत्पन्ना एकादशी आज, ऐसे हुआ एकादशी देवी का जन्म

भगवान विष्णु से जन्मी इस देवी ने बचाई थी देवताओं की जान

उत्पन्ना एकादशी का व्रत मार्गशीर्ष के महीने में कृष्ण पक्ष की एकादशी को किया जाता है। माना जाता है कि इसी दिन देवी एकादशी का जन्म हुआ था इसलिए इसे उत्पन्ना एकादशी के नाम से जाना जाता है।

एकादशी एक देवी थी जिनका जन्म भगवान विष्णु से हुआ था। इस बार यह एकादशी 3 दिसंबर यानी आज है। ऐसा भी माना जाता हैं कि इसी तिथि से एकादशी व्रत की शुरुआत हुई थी।

कैसे एकादशी देवी का जन्म हुआ था और क्या है पूरी कथा।

शास्त्रों में एकादशी देवी के जन्म की कथा बताई गई है जिसके अनुसार मुर नामक असुर से युद्ध करते हुए जब भगवान विष्णु थक गए तब एक गुफा में जाकर विश्राम करने लगे।

मुर राक्षस भगवान विष्णु का पीछा करता हुए गुफा तक पहुंच गया। निद्रा में लीन भगवान विष्णु को मुर ने मारना चाहा तभी अचानक विष्णु भगवान के शरीर से एक देवी का जन्म हुआ और इसी देवी ने मुर का वध कर दिया।

देवी के इस लीला से प्रसन्न होकर विष्णु भगवान ने कहा कि देवी तुम्हारा जन्म मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को हुआ है इसलिए तुम्हारा नाम एकादशी होगा।

आज से प्रत्येक एकादशी को मेरे साथ तुम्हारी भी पूजा होगी। जो भक्त एकादशी का व्रत रखेगा वह पापों से मुक्त हो जाएगा।

शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति इस एकादशी के दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु के संग एकादशी देवी की पूजा करता है उसके कई जन्मों के पाप कट जाते हैं और व्यक्ति उत्तम लोक में स्थान पाने का अधिकारी बन जाता है।

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