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छोटी बहन की राह पर बड़ी बहन भी

ब्युरो चीफ : विपुल मिश्रा संवाददाता : शिव कुमार चौरासिया

डॉ. अब्दुल कलाम तकनीकी विवि की टॉप 10 में ज्योति चौरसिया का रहा जलवा, बधाई हो बधाई !

” चलना है तब-तक, जब-तक
मंजिल ना मिल जाएं
चाहे आंधी आएं या तूफान आएं।
रुकावटें आती है सफलता की राहों में
ये कौन नहीं जानता,
फिर भी वह मंज़िल पा ही लेता है
जो हार नहीं मानता। ”

बिना पथ पर चले मंजिल नहीं मिलती। पथ को जान लेना ही मंजिल नहीं है। मंजिल तो उसे मिलती है जो सच्चा पथ जानकर उस पर बढ़ता रहता है और चिरकाल की विश्रांति को प्राप्त कर लेता है ।
हमारा लक्ष्य वही होना चाहिए जिसे हम हासिल करने का पुरुषार्थ कर सकें। सच्चा पथ अगर हमें मिल गया तो भले ही हम धीरे धीरे चलें लेकिन मंजिल अवश्य मिलेगी। कर्म पथ पर हमें हारना न हो तो बढ़ते रहो -चलते रहो। पुरुषार्थ करने वाले कभी निराशा को प्राप्त नहीं होते।

डॉक्टर अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय मुरादाबाद के ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन आर्किटेक्चर विभाग में टॉप 10 में प्रयागराज की मेधावी छात्रा ज्योति चौरसिया ने 81. 40 फीसद अंक के साथ सातवां स्थान प्राप्त कर अपने परिवारजनों और चौरसिया समाज का नाम ऊंचा किया है।

बता दें कि ज्योति चौरसिया की छोटी बहन शिल्पा चौरसिया ने भी हाल में ही घोषित नीट- 2020 में सफलता हासिल कर परचम लहराया है। ज्योति चौरसिया की इस सफलता पर विभाग के निदेशक आर्किटेक्ट व संस्थान के निदेशक एवं चेयरमैन ने बधाई दी है और उसके उज्जवल भविष्य की कामना भी की है।

ज्योति चौरसिया के पिता शिवनारायण चौरसिया ने घर में दो बेटियों की मिली इस सफलता पर प्रसन्नता जाहिर किया है। वहीं, ज्योति चौरसिया के नाना छोटेलाल चौरसिया ( महासचिव राष्ट्रीय पान किसान यूनियन ) ने हर्ष व्यक्त करते हुए हमें बताया कि मेरी दो नातिन ने सफलता अर्जित की है, जो गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि चौरसिया समाज के छात्र-छात्राएं आज देश के हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। इससे समाज का नाम रोशन हो रहा है। साथ ही चौरसिया समाज में बच्चों को पढ़ाने की भावना जागृत हो रही है।

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