सोशल मीडिया से ‘चुनावी खेल’ मुमकिन नहीं, सरकार की नजर

नई दिल्ली :

2019 के लोकसभा चुनाव और कई राज्यों में होनेवाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर सरकार की पैनी नजर है। दरअसल, सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स डेटा के कथिततौर पर दुरुपयोग के मामले को भारत सरकार गंभीरता से ले रही है।

सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने साफ कहा है कि ऐसे साधनों की मदद से चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक आर्जेन्टीना के साल्टा में आयोजित G-20 डिजिटल इकॉनमी मिनिस्ट्रियल मीटिंग को संबोधित करते हुए प्रसाद ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता से कभी भी समझौता नहीं होना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने वादा करते हुए कहा कि जो भी लोग लोकतंत्र की इस प्रक्रिया को भ्रष्ट करना चाहते हैं, उन्हें रोकने और दंडित करने के लिए भारत हरसंभव उपाय करेगा। बयान में कहा गया, ‘… प्रसाद ने यह भी कहा कि भारत ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म डेटा के कथित दुरुपयोग को गंभीरता से लिया है… ऐसे प्लैटफॉर्म का इस्तेमाल कर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की अनुमति कतई नहीं दी जाएगी।’

आपको बता दें कि सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स के दुरुपयोग का मामला भारत में पिछले कुछ महीनों से जांच के दायरे में है। सरकार ने ऐसे किसी भी प्लैटफॉर्म के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़ा कदम उठाने की बात कही है। वास्तव में, सीबीआई ने हाल ही में ब्रिटिश पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म कैम्ब्रिज एनालिटिका के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू की है। इस फर्म पर फेसबुक के जरिए भारत के करीब 5 करोड़ यूजर्स की निजी जानकारियां लीक करने का आरोप है।

इस बीच, G-20 इवेंट में बोलते हुए प्रसाद ने कहा है कि डिजिटल प्लैटफॉर्म्स के द्वारा हुई आय का एक हिस्सा स्थानीय मार्केट में निवेश किया जाना चाहिए। IT मिनिस्टर ने कहा कि साइबर वर्ल्ड की बॉर्डरलेस प्रकृति में ट्रेड और कॉमर्स के लिए असीमित संभावनाएं हैं लेकिन सुरक्षित साइबरस्पेस ही वैश्विक अर्थव्यवस्था में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के लाभ दे सकता है।

उन्होंने आगाह करते हुए कहा कि इंटरनेट का आपराधिक उपयोग वास्तविकता बन चुका है, जिसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। प्रसाद ने आगे कहा कि कट्टरता फैलाने के लिए भी साइबर मीडियम्स का इस्तेमाल किया जा रहा है और यह एक चुनौती है, जिससे निपटने के लिए घरेलू स्तर पर कड़े कानूनों के साथ ही अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी जरूरी है।

केंद्रीय मंत्री ने भारत में सुरक्षित साइबरस्पेस के लिए हरसभंव कदम उठाने की बात कही। उन्होंने आगाह किया कि किसी भी तरह के साइबर क्राइम या साइबर धमकी से सरकार गंभीरता से निपटेगी। डेटा सुरक्षा और व्यक्तिगत निजता पर भारत की चिंता को सामने रखते हुए प्रसाद ने कहा कि प्रिवेसी नवाचार (इनोवेशन) में रुकावट नहीं बनती है और ना ही इसका इस्तेमाल भ्रष्टाचारी या आतंकियों के लिए ढाल के तौर पर होना चाहिए।

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