मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश के लाखों कर्मचारियों की खुशियों पर चुनाव की बंदिशें

सातवें वेतनमान के एरियर की तीसरी किस्त की 25 फीसद राशि भी दी जाएगी।

भोपाल। दीपावली के पहले प्रदेश के साढ़े सात लाख कर्मचारियों को वेतन व एरियर से मिलने वाली राशि खटाई में पड़ गई है। सरकार ने तय किया था कि 40 हजार रुपय मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को बिना ब्याज के 10 हजार रुपये त्योहार अग्रिम देंगे। सातवें वेतनमान के एरियर की तीसरी किस्त की 25 फीसद राशि भी दी जाएगी।

कोरोना संकट के बीच दीपावली के पूर्व मिलने वाली इन दोनों खुशियों पर चुनाव की बंदिशें है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कर्मचारियों को लाभ देने की घोषणा की थी। प्रदेश में विधानसभा उप चुनाव चल रहे हैं इसलिए कर्मचारियों को लाभ देने से जुड़े प्रस्ताव चुनाव आयोग दिल्ली को भेजा गया है, जिस पर अनुमति नहीं मिली है।

कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि दीपावली 10 दिन बाद 14 नवंबर की है। यदि आयोग से हरी झंडी नहीं मिली तो कर्मचारियों को मिलने वाला त्योहार अग्रिम और किस्त की 25 फीसद राशि घटाई में पड़ सकती है।

मप्र वित्त विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक सामान्य प्रशासन विभाग से कर्मचारियों को त्योहार अग्रिम और एरियर की 25 फीसद राशि देने की फाइल आइ थी। इसके लिए मप्र मुख्य निर्वाचन अधिकार के माध्यम से प्रस्ताव चुनाव आयोग दिल्ली को भेजकर मार्गदर्शन मांगा है। प्रस्ताव पर जैसे ही अनुमित मिलेगी, कर्मचारियों को लाभ दिया जाएगा।

मप्र कर्मचारी आयोग के सदस्य वीरेंद्र खोंगल का कहना है कि भले ही विधानसभा उप चुनाव प्रदेश की 28 सीटों पर हो रहे हो लेकिन सरकार की घोषणा प्रदेश के सभी कर्मचारियों के लिए हैं इसलिए ऐसे मामलों में आयोग की सहमति जरूरी है। वीरेंद्र खोंगल का कहना है कि सरकार को लाभ देना ही था तो चुनाव की तारीखों के पहले घोषणा की जानी थी ताकि अब तक लाभ मिल जाता।

अब कम समय बचा है और दीपावली नजदीक है। मप्र कर्मचारी-अधिकारी संयुक्त मोर्चा के संरक्षक भुवनेश कुमार पटेल का कहना है कि सरकार की घोषणाओं के बाद कर्मचारियों को उम्मीदें बंधी हुई है। यदि लाभ नहीं मिला तो वे मायूस होंगे। वहीं अन्य कर्मचारी संगठनों ने पूर्व ही उक्त दोनों लाभों से अलग प्रतिक्रिया दी थी।

उनका कहना था कि बिना ब्याज के त्योहार स्पेशल तुरंत तो मिल जाएगा, बाद में कर्मचारियों की वेतन से कटौती होगी। वहीं एरियर की राशि जीपीएफ में जाएगी, उसे तुरंत निकाल पाना मुश्किल होगा। एक तरह से देखा जाए तो कर्मचारियों को बड़ा लाभ नहीं होगा।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button