चुनावी घमासान : पल-पल उलझता सुलझता रायपुर उत्तर का सवाल?

.नामांकन के आखिरीदौर तक चलती रही सियासतदारों की पैतरीबाजी

रायपुर:

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण के नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि तक रायपुर उत्तर विधानसभा की सीट पर पेच फंसा रहा। ये सीट राजनैतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही। पहले तो इस सीट पर विभिन्न राजनैतिक दलों के प्रत्याशियों के नामों की घोषणा को लेकर घमासान मचा हुआ था, फिर बाद में एक ही पार्टी से दो प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल करने का पेंच सबको हैरत में डाल गया।

इधर उत्तर की सीट पर प्रत्याशियों की घोषणा की रेस में आम आदमी पार्टी ने सबसे पहले बाजी मारी। आप ने इस सीट को जीतने के लिए योगेंद्र सेन पर दांव खेला। लेकिन, भाजपा, कांग्रेस और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने इस सीट पर सस्पेंस बरकरार रखा। इसी बीच नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि के दो दिन पहले भाजपा ने उत्तर की सीट पर अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी।

भाजपा ने उत्तर के ही सीटिंग विधायक श्रीचंद सुन्दरानी को दोबारा मौका देकर सबको चौंका दिया। पार्टी का ये निर्णय सबको हैरत में डाल गया, क्योंकि राजनैतिक गलियारों में श्रीचंद की टिकट कटने की खबर का बाजार गर्म था। ऐसे में उनको दोबारा टिकट मिलना खुद भाजपा के ही उत्तर से दावेदारों को उलझनों में छोड़ गया।

भाजपा की घोषणा के बाद जनता कांग्रेस ने भी अपने प्रत्याशी अमर गिदवानी को मैदान में उतारा। इसके बाद इस सीट पर भाजपा और जनता कांग्रेस के सिंधी समाज के दो प्रत्याशी आमने-सामने हो गए। इसी बीच इन दोनों पार्टियों की घोषणा के बाद कांग्रेस ने अपना दांव खेला। कांग्रेस ने सिंधी समाज के इन दोनों प्रत्याशियों के बीच पिछली बार हारे हुए प्रत्याशी कुलदीप जुनेजा पर फिर से दांव लगाकर चौका मारने की सोची।

हालांकि इसके बाद भी उत्तर का उत्तर नहीं सुलझ पाया। अब टिकट घोषणा के बाद बारी थी नामांकन जमा करने की। इसी कड़ी में भाजपा के प्रत्याशी श्रीचंद सुन्दरानी ने अपना नामांकन दाखिल किया। इसके बाद जनता कांग्रेस से अमर गिदवानी और कांग्रेस से कुलदीप जुनेजा दोनों घोषित प्रत्याशियों ने तामझाम के साथ नामांकन दाखिल किया। फिर भी इन दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों की राह आसान नहीं रही। ये उत्तर का सवाल सुलझने ही वाला था कि जनता कांग्रेस और कांग्रेस के दो अन्य सदस्यों ने नामांकन दाखिल कर फिर से उत्तर को उलझा दिया।

दरअसल हुआ यूं कि कांग्रेस से कुलदीप जुनेजा के नामांकन दाखिल करने के बाद कांग्रेस से ही एक और नामांकन दाखिल हुआ और वो नामांकन था कांग्रेस के पार्षद अजीत कुकरेजा का। अजीत के नामांकन ने सबको फिर से उलझा दिया। हालांकि इस मामले में अजीत का कहना है कि उन्होंने कांग्रेस से डमी प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन भरा है।

इसके बाद जनता कांग्रेस में भी कुछ ऐसे ही वाक्ये ने सबको चौकाया,जहां पार्टी से घोषित प्रत्याशी अमर गिदवानी ने तो नामांकन भरा ही इसके अलावा एक और नामांकन नितिन भंसाली ने भी दाखिल कर दिया। हालांकि नितिन भंसाली का नामांकन मान्य नहीं हो पाया। स्क्रूटनी के बाद सोमवार को नाम वापसी का दौर शुरू होगा। अब राजनैतिक गलियारों में उत्तर के उन अनसुलझे सवालों के सुलझने का इंतजार है जो अब तक पहेली बन कर जनता के सामने आती रही है।

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