गुड़ फैक्टरी में बिजली विभाग का कहर, औसत से तीन गुना भेज दिया गया बिल

मनीष शर्मा:

मुंगेली: मुंगेली जिला जो कि अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र है औद्योगिक दृष्टि से भी काफी पिछड़ा हुआ है। जिले में गन्ना उत्पादन को देखते हुए कुछ छोटे बड़े उद्यमियों ने गुड़ कारखाना प्रारंभ किया है। मगर इन गुड़ कारखानों में भी बिजली विभाग की दृष्टि ठीक नही होने से ये गुड़ फैक्टरी भी बंद होने की कगार में आ गए है।

जानकारी के मुताबिक पद्मावती कृषि उद्योग के नाम से संचालित हो रहे गुड़ फैक्टरी के विद्युत देयक खपत अनुसार आ रहा था। जिसमे गुड़ फैक्टरी में चालू समय का देयक औसतन दो से ढाई लाख रुपए माह बिल आ रहा था। यह बिल कारखाने के बिजली खपत अनुसार ठीक था मगर इस माह एकाएक तीन गुना लगभग छह लाख रुपये का देयक भेजा गया है जबकि पिछले साल की तुलना में गन्ने का उत्पादन कम रहा है।

कारखाना मालिक के अनुसार पूर्व वर्षो के खपत जैसा इस वर्ष बिजली खपत भी नही हुआ है। बावजूद तीन गुना बिल भेजे जाने से अब जिले में एक मात्र संचालित गुड़ कारखाना भी बंद होने की कगार में है। इस संबंध में कारखाना मालिक द्वारा लगातार बिजली विभाग का चक्कर लगाया जा रहा है लेकिन अभी तक विभाग में कोई सुनवाई नही हो पायी है।

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