इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन हैक नहीं हो सकता : सुब्रत साहू

महाविद्यालयों के 553 छात्र-छात्राओं ने निर्वाचन संचालन की प्रक्रिया को समझा और जाना

रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने अध्ययन भ्रमण में निर्वाचन कार्यालय आए इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को बताया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ई.व्ही.एम.) हैक नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि ई.व्ही.एम.

हैक करने संबंधी बयान व तथ्य महज अफवाह है। भारत निर्वाचन आयोग ई.व्ही.एम. हैक कर प्रूफ करने वालों के लिए 10 लाख रूपए ईनाम की घोषणा भी कर रखा है, लेकिन अभी तक किसी ने ई.व्ही.एम. हैक करके नहीं दिखाया है।

साहू ने बताया कि ई.व्ही.एम. मशीन पूरी तरह सुरक्षित है। इसे कोई भी हैक नही कर सकता। किसी भी डिवाईस को हैक करने के लिए कनेक्टिविटी की जरूरत होती है, जो ई.व्ही.एम. मशीन में नहीं हैं। श्री साहू ने अध्ययन भ्रमण में आए इंजीनियरिंग के छात्रों द्वारा ई.व्ही.एम. संबंधी पूछे गये सवाल के जवाब में उक्त जानकारी दी।

सुब्रत साहू ने शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं को निर्वाचन प्रक्रिया की तैयारियों की जानकारी कॉल सेन्टर, मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति के अन्तर्गत इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सेल, सोशल मीडिया सेल, समाचार पत्र निरीक्षण सेल, फोटो प्रदर्शनी आदि के संबंध में विस्तार से बताया।

इस दौरान छात्र-छात्राओं ने ई.व्ही.एम. और वीवीपैट मशीन का संचालन करके भी देखा। निर्वाचन पूर्व तैयारियों की जानकारी हेतु अध्ययन भ्रमण के तहत अब तक 553 छात्र-छात्राओं ने चुनाव प्रक्रिया का अवलोकन कर चुके हैं।

साहू ने अध्ययन भ्रमण में आए विद्यार्थियों को शत-प्रतिशत मतदान करने की शपथ दिलायी। छात्र-छात्राओं ने अपनी कलाई में मतदान बंधन बांधकर लोकतंत्र को मजबूत बनाने का वचन लिया। अध्ययन भ्रमण में कृति इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी एण्ड इंजीनियरिंग, रायपुर और शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल मैनेजमेन्ट एण्ड टैक्नालॉजी,

रायपुर के लगभग 90 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि युवाओं में मतदान के प्रति जागरूकता और शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से सीईओ साहू द्वारा अध्ययन भ्रमण कराने की अभिनव पहल शुरू की गई है। साहू ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न कराती है।

आचार संहिता लागू होते ही निर्वाचन संपन्न कराना निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी होती है। इस दौरान आचार संहिता का उल्लघंन करने वालो के विरूद्ध निर्वाचन नियमों तथा धाराओं के तहत कार्यवाही की जाती है। निर्वाचन निर्धारित समय-सीमा में संपन्न कराना होता है। इसके लिए बड़ी संख्या में मैदानी अमलों को प्रशिक्षण दिया जाता है।

साथ ही सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस एवं सुरक्षा बल तैनात किए जाते हैं। सुरक्षा के व्यापक व्यवस्था सहित वाहन व्यवस्था एवं उनका संचालन भी सुनिश्चित किया जाता है। इस अध्ययन भ्रमण के दौरान महाविद्यालयों के विद्यार्थी निर्वाचन प्रक्रिया को जानने को लेकर काफी उत्साहित थे।

सी.ई.ओ. कार्यालय के सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रूपेश वर्मा एवं शारदा अग्रवाल और मतदाता जागरूकता फोरम के मास्टर ट्रेनर प्रशांत पाण्डेय ने विद्यार्थियों को इन कक्षों में संचालित कार्यो की जानकारी दी। मास्टर ट्रेनर डॉ. कामिनी बावनकर ने फ्लोर गेम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को निर्वाचन प्रक्रिया से अवगत कराया।

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