लाल रंग से विचलित और आक्रमक होता है हाथी

महासमुंद : महासमुंद के हाथी प्रभावित क्षेत्रों में वन विभाग के माध्यम से जनजागरूकता शिविर लगाए जा रहे है। इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों को जंगली हाथियों से बचने तथा जानमाल की रक्षा के लिए किए जाने वाले आवश्यक उपायों की जानकारी दी जा रही हैI इसके साथ ही फसल हानि के मुआवजे के आकलन जैसे कार्य भी किए जा रहे हैं ।
इन शिविरों में ऑडियो-वीडियो प्रदर्शन के साथ-साथ प्रचार-प्रसार सामग्री तथा विभागीय अधिकारी के माध्यम से ग्रामीणजनों को हाथियों से बचाव के अनेक व्यवहारिक टिप्स भी दिए जा रहे है। हाथियों से यदि सामना हो जाए तो एक गमछा या कोई भी कपड़ा को गोल लपेट कर हाथी के सामने फेंक दिया जाए तो हाथी से बचा जा सकता है। गोल कपड़े को फेकने से हाथी का ध्यान भटक जाता है। गांव में यदि मिट्टी का घर है तो उसे हरे रंग की पुताई करें ताकि दूर से हाथी को ऐसा प्रतीत होगा कि ये घर जंगल का एक हिस्सा है। मिट्टी के रंग हाथी को पके हुए फसल की तरह दिखता है। इसलिए वह मिट्टी के घर की ओर प्रवेश करता है।
पांच फुट के कच्चे बांस में जूट बोरे में सूखा मिर्च डालकर बोरे को बांस से लपेटने के बाद फिर थोड़ा सूखा मिर्च डाले और उसे छड़ बांधने की तार से अच्छी तरह से बांध दिया जाए। उपर मिट्टी का तेल डालकर आग को 10 मिनट तक जलने दें फिर बोरे से बुझा देवें, खेत में गाड़ने से मिर्च जलने के धुएं के कारण हाथी प्रवेश नहीं करता है। कोठा या गोठान को बचाने के लिए लाइजोल का फिनाईल जिसमें नीबू की खुशबू निकलती है, उसे पानी में अच्छी तरह से घोलकर कोठा या गोठान या घर के अन्य हिस्सों में स्प्रे कर देवें। स्प्रे करने के उपरांत सुगंध से हाथी प्रवेश नहीं करता है। एक लोहे का टिन के अंदर 2 से 3 छेना रखकर उसके उपर तम्बाकू, मिर्च, धनियां मिर्च डालकर मिट्टी तेल से आग लगा देवें। आग से जलने से मिर्च और तम्बाकू का धुंआ निकलेगा जिससे वन्य प्राणी हाथी भाग जाएगा। यह बरसात के मौसम में अच्छा काम आता है।
शिविर में यह भी बताया जा रहा है कि खेत के चारों ओर पांच फीट का कच्चा बांस डेढ़-डेढ़ मीटर की दूरी में नारियल की रस्सी के सहारे से एक खूंटे से दूसरे खूंटा दूसरे खूंटे में बाँध दें । सुतली के बोर में जला हुआ मोबिल आईल डालकर मिर्च का पाउडर डालकर छिड़काव करें, इससे बदबूदार झाग निकलेगा और हाथी खेत से दूर रहेगा।
रात के समय शराब का सेवन करके जंगल की ओर कोई भी कार्य के लिए प्रवेश न करें और आवागमन भी न करें। लाल रंग का कपड़ा पहनकर हाथियों के सामने न जाए, लाल रंग से हाथी विचलित हो जाता है और आक्रमक होने लगता है। फटाके की तेज आवाज एवं जोर की आवाज हाथियों के कान में गूंजने से हाथी भागने लगता है। क्रेशर गिट्टा जो नुकीली हो उसे घर या खेत के चारों और बिखरे कर रखें। हाथियों के पैर बहुत नाजुक होते हैं, नुकीली गिट्टा से उनके पैरों को दर्द होने के कारण वह आसपास नहीं रहता है।

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