क्षेत्र में हाथियों का आतंक, वृद्धा और बच्चे को मार डाला

कोरबा।

प्रदेश के कई क्षेत्र में हाथियों के आतंक से ग्राणीण दहशत में हैं। कोरबा जिले के वन परिक्षेत्र में फुटहामुड़ा के ग्रामीण फसलों की रक्षा के लिए रतजगा कर रहे हैं। यहां वन विभाग की लापरवाही सामने आई है।

दरअसल जब हाथी ने आंगनबाड़ी भवन में ठहराए गए लोगों पर हमला किया। इस दौरान अंदर से ग्रामीण बचाओ-बचाओ चिल्लाते रहे। जबकि गांव में ही जरा से फासले पर आराम कर रहे हाथी मित्र दल के सदस्यों ने सो जाने की बात कहते हुए अनसुनी कर दी। भवन में 22 लोग मौजूद थे।

जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत बेला का फुटहामुड़ा आश्रित गांव है। लेमरू मुख्य मार्ग पर स्थित गांव में 42 परिवार रहते हैं। यहां की आबादी 144 है। पहाड़ी कोरवाओं के साथ ही अहीर जाति के लोग निवासरत हैं। पिछले तीन दिनों से हाथियों के तीन दल बेला के आसपास घूम रहे थे। सरगुजा दल में शामिल दो हाथी फुटहामुड़ा गांव में घुस आए। यहां लखीराम कोरवा के मकान को तहस-नहस कर दिया।

हाथी मित्र दल के सदस्य गांव में ही अमृत के घर आराम कर रहे थे। एक दंतैल ने आंगनबाड़ी भवन के पीछे खिड़की को दंतैल ने तोड़ दिया। कमरे में सो रहा रत्तू कोरवा बाल-बाल बच गया। सभी उठकर दीवार के किनारे हो गए। लेकिन इतवारी बाई (60) पति बुद्धु राम कोरवा को पहले दंतैल ने सूंड में पकड़कर बाहर खींचा, इसके बाद रत्तू के बेटे रोहित कुमार (6) को भी दंतैल ने बाहर खींच लिया।

-आंगनबाड़ी भवन में बिजली नहीं, अंधेरे में रुके थे कोरवा

वन अमले ने 22 लोगों को जिस आंगनबाड़ी में रोका था। वहां बिजली ही नहीं है। जिस समय हाथी ने हमला किया, अंधेरे में लोगों को कुछ समझ ही नहीं आ रहा था। भवन के बाहर जरूर लकड़ी जलाई गई थी। लेकिन हाथी पर उसका असर नहीं हुआ।

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