हाथियों ने मोहनपुर व उपकापारा में लगभग 30 एकड़ फसल को किया बर्बाद

अंबिकापुर ।

जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र के महेशपुर जंगल में जमे 11 हाथियों के स्वच्छंद विचरण से आसपास के ग्रामीण सहमे हैं। दिन में जंगल में रहने वाले हाथी शाम ढलते ही आबादी क्षेत्र का रुख करते हैं। हाथियों ने अभी तक मोहनपुर व उपकापारा में लगभग 30 एकड़ में लगी धाम की फसल को नुकसान पहुंचाया है। जिससे शाम ढलते ही दोनों बस्ती में जंगल किनारे रहने वाले लोग घर छोड़ देते हैं। शनिवार रात बड़ी संख्या में ग्रामीण मशाल जला, पटाखे फोड़ हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर रखने में जुटे रहे।

उदयपुर वन परिक्षेत्र में विगत एक सप्ताह से 11 हाथियों का दल महेशपुर जंगल में डटा है। शनिवार शाम हाथियों ने मोहनपुर उपकापारा में मंगलू का घर को तोड़ दिए। हाथी रोज शाम को 5 बजे के बाद बस्ती और धान के खेत की ओर निकलते है। अभी तक 20 से 30 एकड़ धान की फसल बर्बाद कर चुके हैं।

दिन भर घने जंगलों में आराम करने के बाद शाम को भोजन की तलाश में निकल पड़ते है। आसपास के महेशपुर, मानपुर, जगरनाथपुर, लक्ष्मणगढ़, फुनगी, रामनगर आदि गांवों के ग्रामीण रतजगा करने मजबूर है। ग्रामवासी पटाखा, मशाल, टार्च आदि लेकर अपनी तथा परिजन की रक्षा कर रहे है।

हाथियों को गांव आने से रोकने वन विभाग द्वारा हाथी चलित विकर्षण बेरीकेट लगाया जा रहा है। वहीं संभावित रूट को लेकर मुनादी कराई जाती है, जिससे जनहानि को रोका जा सके। पिछले एक हफ्ते से हाथियों के स्वच्छंद विचरण से ग्रामीण परेशान हैं।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथियों को वापस उनके आए रास्ते रामनगर डडगांव या लखनपुर वन परिक्षेत्र की ओर भेजने का प्रयास जारी है। वन विभाग की टीम में वनपाल श्यामबिहारी सोनी, वनरक्षक गिरीश बहादुर सिंह, शशिकांत सिंह, दिनेश तिवारी, बुधसाय, धनेश्र्वर पैकरा, ऋषि कुमार रवि, दैनिक वेतन भोगी स्टाफ शिव प्रसाद यादव, कृष्णा यादव, धरभरन राम, भोला, धनेश्र्वर यादव, अशोक, चालक मनोज जायसवाल आदि शामिल है।

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