छत्तीसगढ़

शर्मनाक: गृहमंत्री,जिलाधीश, मानव अधिकार व महिला आयोग से शिकायत के बाद भी रसूखदार रोहरा पर नहीं हुई कार्यवाही

माता-पिता को न्याय नहीं मिल पाया

रायपुर: रायपुर जिला अंतर्गत तिल्दा निवासी सुरेश रोहरा के 18 वर्षीय बेटे पियूष रोहरा की मौत को अब एक साल गुजरने जा रहा है, लेकिन आज तक उसके माता-पिता को न्याय नहीं मिल पाया है। जबकि परिजन इस पूरे मामले की शिकायत गृहमंत्री साहू, जिलाधीश, SSP समेत मानव अधिकार व महिला आयोग को भी कर चुके है परंतु अब तक पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध कोई कार्यवाही नही की। परिजनों का आरोप है कि बेटे पीयूष की मौत के मामले में जांच अधिकारी धुरंधर साहू की भूमिका काफी ज्यादा संदेहास्पद है। जांच अधिकारी साहू ने पियूष की मौत को आत्महत्या बताया था, जबकि PM रिपोर्ट में यह बात झूठी साबित हुई है और पियूष की हत्या की तरफ इशारा कर रही है।

आपको बता दे कि पियूष की मौत को जांच अधिकारी धुरंधर साहू ने नशे की हालत में आत्महत्या करना बताया था, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक पीयूष के शरीर में नशे का एक भी अंश नहीं मिला। वहीं आत्महत्या की बात भी झूठ निकली और रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि पीयूष के साथ जमकर मारपीट हुई है, उसके बाद उसे अधमरे हालत में पटरी पर डाल दिया गया, जिससे उसका शरीर ट्रैन से काटकर दो हिस्सों में बंट गया।

हत्या करवाने की आशंका:-

सुरेश और अशोक रोहरा दोनों सगे भाई हैं, जिनके बीच संपत्ति विवाद चल रहा है। इस परिवार की एक जमीन राजधानी के राज टाॅकीज के पास भी है, जिसकी कीमत करोड़ों में है। अशोक उसे अपने भाई से हथियाने की कोशिश करता रहा, लेकिन कामयाब नहीं हो सका। दरअसल, सुरेश वहां पर अपने बेटे के लिए व्यवसाय डालना चाहता था। यह बात अशोक के गले नहीं उतर रही थी। इस वजह से सुरेश को आशंका है कि अशोक ने ही उनके बेटे पियूष की हत्या कराई है।

पुलिस नहीं कर रही सहयोग –

इस पूरे मामले का मार्मिक और शर्मनाक पक्ष यह है कि इस हत्याकांड को लेकर स्थानीय पुलिस न्याय की गुहार लगा रहे माता-पिता को सहयोग नहीं कर रही है, बल्कि जिस पर संदेह है, उन्हें बचाने हरसंभव प्रयास कर रही है। बताया जा रहा है कि अशोक रसूखमंद है, जिसकी वजह से उसने पुलिस को भी अपने प्रभाव में ले लिया है। अब इस मामले में अपने बेटे को खो चुके माता-पिता की आस पुलिस के उच्चाधिकारियों से है, ताकि बेटे को खोने के बाद कम से कम उसके हत्यारों को सजा मिल सके।

घर-व्यवसाय पर अवैध कब्जा, प्रशासन मौन

इस पूरे मामले की शिकायत पीयूष के परिजनों ने कुछ दिन पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तारकेश्वर पटेल से भी की थी परंतु अब तक प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से नही लिया गया और ना ही आरोपी के विरुद्ध कार्यवाही की गई ।परिजनों ने बताया कि उनके घर व व्यवसाय पर भी रसूखदार अशोक रोहरा ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है जिससे वह रास्ते पर आ गए है, अब उनके पास खुदखुशी करने के सिवाय कोई उपाय नहीं बचा है।

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