ग्राम अछोला में लगभग ढाई करोड़ रुपए के शराब का गबन, तुमगांव थाना में मामला दर्ज

सुपरवाइजर, सेल्समेन और मल्टी वर्कर पर गबन का आरोप

महासमुंद: देशी मदिरा दुकान ग्राम अछोला से करीब ढाई करोड़ रुपए के शराब के हेराफेरी मामले में आबकारी विभाग के उप निरीक्षक अभीषेक ने तुमगांव थाने में शराब दुकान में कार्यरत सुपरवाइजर, सेल्समेन और मल्टी वर्कर के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया।

पुलिस इस मामले में पूछताछ कर रही

पुलिस इस मामले में आरोपी अश्विनी सोनकर गढसिवनी, कामदेव धीवर गढसिवनी, कौशल गजेंद् गढसिवनी, चंद्रप्रकाश पुष्पकार , लेखराम बंजारे , पीलू राम साहू गढसिवनी से पूछताछ कर रही है।

आबकारी उप निरीक्षक ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि पुलिस के मुताबिक देशी मदिरा दुकान अछोला का संचालन छत्तीसगढ स्टेट कार्पोरेशन लिमिटेडए रायपुर सीएसएमसीएल द्वारा नियुक्त मैनपावर एजेंसी ईगल हण्टर सोल्यूशन्स लिमिटेड के कर्मचारियों द्वारा दिनांक 30 सितंबर 2019 तक किया गया। एक अक्टूबर 2019 से नई प्लेसमेंट कंपनी में अलर्ट कमांडोस प्राईवेट लिमिटेड कार्यरत हैं।

मदिरा दुकान में सुपरवाईजर पीलू राम साहू सेल्समेन, अश्वनी सोनकर, कामदेव धीवर, कौशल गजेन्द्र, चंद्रप्रकाश पुष्पाकर, मल्टीवर्कर लेखराम बंजारे कार्यरत थे। इसमें मदिरा दुकान के समस्त पंजी का संधारण करना, विक्रय राशि का हिसाब-किताब और विक्रय राशि बैंक में जमा करने और कार्यालय को मदिरा दुकान से संबंधित समस्त जानकारी देने की जिम्मेदारी सुपरवाईजर की थी।

मल्टीवर्क का कार्य दुकानों की साफ-सफाई से संबंधित

सेल्समेन का कार्य मदिरा बेचना था। मल्टीवर्क का कार्य दुकानों की साफ-सफाई से संबंधित है। 30 सितंबर को नई प्लेसमेंट कंपनी अलर्ट कमांडो के समक्ष मदिरा स्टाक का भौतिक सत्यापन कराया जाना था, लेकिन मदिरा दुकान में मदिरा स्टाक बहुत अधिक और अव्यवस्थित होने के कारण सत्यापन नहीं हो पाया। इसकी सूचना उच्च कार्यालय को दी गई।

मदिरा स्टाक कम होने के बाद 23 अक्टूबर 2019 को नयी प्लेसमेंट एजेंसी के कर्मचारियों द्वारा मदिरा स्टाक का भौतिक सत्यापन कराया गया। शासकीय कर्मचारी को को गुमराह कर 1068 नग देशी मशाला शराब, 12508 01 पाव वाला देशी मशाला शराब, देशी प्लेन बाटल 16828,

देशीप्लेन शराब अद्धी 37087, देशी प्लेन शराब 268642, कुल कीमत 2,54,64,480 का गबन किया इसका कुल मूल्य रुपए 2,54,64,480 रुपए है । पूर्व में भी उप निरीक्षक अभीषेक द्वारा मदिरा दुकान के स्टाक का भौतिक सत्यापन करने का प्रयास किया गया।

दुकान के कर्मचारियों द्वारा स्टाक का रखरखाव जानबूझ कर इस प्रकार रखा गया था, कि भौतिक सत्यापन संभव नहीं हो सका। इसके अलावा मदिरा में संधारित शासकीय मदिरा स्टाक पंजी में सुधार करने के लिए छेडछाड करना पाया गया। मदिरा दुकानों का संचालन शासन द्वारा सीएसएमसीएल के माध्यम से किया जा रहा है।

दुकान के मदिरा स्टाक में आई कमी शासकीय संपत्ति की हानि है। इस कमी को देखते हुए यह प्रतीत हो रहा है कि मदिरा स्टाक में संबंध में विभागीय कार्यालय को दी जाने वाली दैनिक एवं मासिक जानकारी भ्रामक एवं गुमराह करने वाली है। पुलिस ने धारा 406, 468 अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

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