इमरजेंसी लगाने वाले और विरोधी दोनों साथ-साथ आ गए सत्ता के लिए : नरेन्द्र मोदी

सरकार को जिन मुद्दों पर घेरा जा रहा था उन सभी मुद्दों पर करारा जवाब दिया.

उत्तर प्रदेश :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश में महान संत कबीर की नगरी मगहर का दौरा किया. मौका तो कबीर के 620वें प्राकट्य दिवस का था, जिसमें तय कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री ने कबीर की मजार पर चादर चढ़ाई और माथा टेका.

लेकिन जब पीएम मोदी लोगों को संबोधित करने आए तो राजनीतिक संदेश देने से नहीं चूके. प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में विपक्ष को निशाने पर लिया, सरकार को जिन मुद्दों पर घेरा जा रहा था उन सभी मुद्दों पर जवाब दिया. इसी के साथ ही 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री ने इसका बिगुल उत्तर प्रदेश से फूंका.

तीन तलाक के बहाने जमकर बोला हमला

तीन तलाक के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया. सरकार ने तीन तलाक बिल लोकसभा में तो पास करवा लिया, लेकिन राज्यसभा में पास नहीं हो पाया. पीएम ने कहा कि मुस्लिम महिलाएं इस बिल के समर्थन में हैं, देश में सभी महिलाओं को समान हक मिलना चाहिए. लेकिन लगता है कि विपक्ष को ये पसंद नहीं है और वह अपने वोटबैंक के बारे में सोच रहे हैं.

PM आवास का अखिलेश ने नहीं दिया डाटा

प्रधानमंत्री ने कबीर के मंच से उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि जब गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू हुई, तो समाजवादी पार्टी की सरकार ने उसके लिए डेटा नहीं दिया.

इमरजेंसी लगाने वाले और विरोधी दोनों साथ-साथ आ गए सत्ता के लिए

दो दिन पहले ही आपातकाल के 43 साल पूरे हुए हैं, जिस पर कबीर के इस मंच से पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा. इतना ही नहीं इशारों-इशारों में पीएम ने महागठबंधन को भी आड़े हाथों ले लिया.

बहुजन और समाजवाद के नाम पर अपने बंगले बनवाए गए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इतने पर ही नहीं रुके, बल्कि उन्होंने हाल ही में हुए अखिलेश यादव के बंगले विवाद पर भी चुटकी. उन्होंने कहा कि कबीर ने कहा था कि सेवा में मन लगाओ, लेकिन कुछ लोगों को मन सिर्फ अपना बंगले में लगा हुआ है.

एक परिवार खुद को भाग्य-विधाता समझता है

गांधी परिवार पर हमला करते हुए प्रधानमंत्री ने कबीर की बातों का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि कबीर शासक के रूप में भगवान राम की बातें करते थे, लेकिन आज के समय में कई परिवार खुद को जनता का भाग्य-विधाता समझते हैं.

अशांति फैला रहे हैं लोग

प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ दलों को शांति और विकास नहीं, कलह और अशांति चाहिए उनको लगता है जितना असंतोष और अशांति का वातावरण बनाएंगे उतना राजनीतिक लाभ होगा.

योजनाओं का जमकर किया गुणगान

प्रधानमंत्री ने इस मंच से कई बार विपक्षियों पर वार किया. लेकिन इसके साथ ही उन्होंने अपनी सरकार की योजनाओं का भी प्रचार किया. प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान उज्ज्वला योजना, सुरक्षा बीमा, शौचालय, डीबीटी, आयुष्मान भारत के बारे में लोगों को बताया.

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