राष्ट्रीय

स्पेशल सेल और क्रांति गैंग के बीच मुठभेड़, सरगना जितेंद्र गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने रखा था 25 लाख का इनाम

नई दिल्ली :

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने क्रांति गैंग के बदमाशों को घेर लिया । दोनों तरफ से 15 गोलियां चलीं। स्पेशल सेल का सिपाही बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होने के कारण बाल-बाल बच गया।

स्पेशल सेल ने जितेंद्र उर्फ जीतू उर्फ भांजा को गिरफ्तार कर लिया, जबकि गिरोह के दो बदमाश फरार हो गए। फरार हुए एक बदमाश को गोली लगी है। जितेंद्र ने इस समय गिरोह की कमान संभाल रखी थी। दिल्ली पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी पर 25 लाख रुपये का इनाम रखा हुआ था।

स्पेशल सेल डीसीपी प्रमोद कुशवाहा के अनुसार, स्पेशल सेल की टीम ने 9 जून को क्रांति गैंग के सरगना राजेश भारती, संजीत विद्रोह, उमेश डॉन और विकू घेवरा को छतरपुर में मार गिराया था। इस मुठभेड़ में छह पुलिसकर्मी घायल हुए थे।

क्रांति गैंग हरियाणा का मोस्ट वांटेड गैंग है। एसीपी मनोज दीक्षित की देखरेख में इंस्पेक्टर जितेंद्र तिवारी की टीम गैंग के बाकी बदमाशों की तलाश कर रही थी। जांच में पता लगा कि जितेंद्र उर्फ जीतू ने सोनू खरखड़ी के साथ गिरोह की कमान संभाल ली है।

इंस्पेक्टर जितेंद्र तिवारी को चार दिसंबर को सूचना मिली थी कि जीतू कार में साथियों से मिलने धौला कुआं मेट्रो स्टेशन आएगा। पुलिस टीम ने यहां घेराबंदी कर ली, तभी वहां एक कार आती हुई दिखाई दी। कार से एक व्यक्ति उतरा और इंतजार करने लगा।

जब वह जाने लगा, तो पुलिसकर्मियों ने उसे सरेंडर करने को कहा। आरोपी ने पिस्टल निकाल ली और पुलिसकर्मियों को ओर जैसे ही चलाने लगा, तो उसे पकड़ लिया गया। तभी पुलिसकर्मियों ने कार में बैठे अन्य लोगों को बाहर आने को कहा।

कार में बैठे बदमाशों ने बाहर आने की बजाय गोली चलाना शुरू कर दिया। एक गोली सिपाही जयकिशन को लगी, मगर बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होने के कारण बच गया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस टीम में फायरिंग की। कार में बैठे बदमाशों ने छह और पुलिस ने नौ गोलियां चलाईं। पुलिस ने कार का पीछा करना शुरू किया। पुलिस को बाद में यह कार महिपालपुर इलाके में लावारिस हालत में मिली।

नजफगढ़ निवासी जितेंद्र उर्फ जीतू के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, लूट और कारजैकिंग के 25 से अधिक मामले दिल्ली व हरियाणा में दर्ज हैं। पुलिस ने इसके पास से पिस्टल व छह कारतूस बरामद किए हैं।

जितेंद्र उर्फ जीतू ने बताया कि सरगना राजेश भारती की मौत के बाद उसने गिरोह की कमान संभाल ली थी। वर्ष 2015 में इसे वाहन चोरी निरोधक दस्ते, दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने गिरफ्तार किया था और अप्रैल, 2016 तक जेल में रहा। ये सोनू खरखड़ी, रणवीर व दौला के साथ गिरोह को चलाने लगा।

कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई छोड़ी

जितेंद्र उर्फ जीतू कॉलेज में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रहा था। इसने द्वितीय वर्ष में पढ़ाई छोड़ दी थी। वर्ष 2009 में ये गलत संगत में पड़ गया और वारदात करने लगा। वर्ष 2014 में इसने दुश्मनी के चलते एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। पुलिस ने इसे गिरफ्तार कर लिया था।

अस्पतालों में बदमाश की तलाश

स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कार से फरार हुए एक बदमाश को गोली लगी है। उसे दिल्ली व हरियाणा के किसी अस्पताल में भर्ती कराया गया होगा। ऐसे में पुलिस टीमें बदमाश का अस्पतालों में पता लगा रही हैं।

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