प्रवर्तन निदेशालय ने रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक के कई प्रतिष्‍ठानों पर धनशोधन मामले में छापे मारे

प्रवर्तन निदेशालय ने रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक के कई प्रतिष्‍ठानों पर धनशोधन मामले में छापे मारे। सूत्रों के अनुसार राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कंपनी और इसके प्रवर्तकों के नौ ठिकानों पर छापेमारी की।

उच्‍चतम न्‍यायालय ने 13 अगस्‍त को सुपरटेक समूह के नोएडा स्थित ट्विन टॉवर्स को गिराने का आदेश दिया था। ये इमारतें नियमों का उल्‍लंघन कर बनाई गई थी। न्‍यायालय ने इसके लिए तीन महीने का समय दिया था। ये समयसीमा 30 नवम्‍बर को समाप्‍त हो रही है।

इस कंपनी ने नोएडा के एमरेल्‍ड कोर्ट आवासीय परियोजना परिसर में चालीस मंजिला दो इमारतों का निर्माण किया था। इसमें 900 फ्लैट्स और 21 दुकानें मौजूद हैं।

आवासीय परियोजना के मालिकों ने दावा किया है कि नियमों का उल्‍लंघन कर बनाई गई इन इमारतों की स्‍वीकृति उन से नहीं ली गई थी। इसके बाद वे अदालत चले गये थे। इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय ने वर्ष 2014 में ट्विन टॉवर्स को गिराने का आदेश दिया था। इस आदेश पर उच्‍चतम न्‍यायालय ने इस वर्ष अपनी मुहर लगा दी।

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