छत्तीसगढ़ मे ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करें,राज्य में ऑक्सीजन के अभाव में किसी की मौत नहीं होनी चाहिए

आज हाई कोर्ट ने सुनाया फैसला, राज्य,रेलवे और केंद्र सरकार को दिया आदेश, रेल कोचेस की जब जरूरत राज्य को हो तो नोडल अफसर रेल के नोडल अफसर को मांग प्रतिवेदन दे,उस पर रेल जोन बिलासपुर तुरंत रेल SOP के अनुसार कोचेस उपलब्ध कराएगी। RTPCR टेस्ट के लिए राज्य संसाधन उपलब्ध करवाए एवम टेस्ट रिपोर्ट मेल, वाट्सअप या टेक्स्ट मेसेज या ICMR से तुरंत मरीज को दे। केंद्र राज्य को हरसंभव मदद करे। राज्य केंद्रीकृत नेटवर्क बनाये ,जिससे एक जिले से दूसरे जिले में उपलब्ध बेड की उपलब्धता अनुसार मरीज दूसरे जिले में इलाज करा सके।

बिलासपुर : आज हाई कोर्ट ने विजय केशरवानी सहित अन्य द्वारा प्रस्तुत हस्तछेप याचिका पर फैसला सुनाया, बात दे कि रेल कोचेस को कोविड मरीजो के इलाज के लिए उपलब्ध करवाने की मांग की गई थी,जिसमे यह कहा गया था कि देश भर में रेलवे ने पिछले वर्ष से अभी तक 4002 कोचेस को 3 लाख कोविड मरीज के लिए बेड अस्पताल में तब्दील किया गया था,

जिसका अभी सेकंड कोरोना के दौर में मरीजो के लिए उपलब्ध करवाने की मांग की थी, साथ ही कहा था कि बिलासपुर जोन में 111 कोचेस में 400 बेड उपलब्ध है, एवम उनके वकीलो सुदीप श्रीवास्तव,संदीप दुबे ने बताया था कि बिलासपुर रेल जोन के पास 15 छोटे और बड़े रेलवे हॉस्पिटल है,उसे भी कोविड अस्पताल बनाया जाए,जिस पर रेलवे के वकील ने 23 तारीख के सुनवाई के दौरान विरोध कर दिया था कि सिर्फ जोन में 3 अस्पताल है ,जो कि कोविड मरीज से पूरी तरह भरी हुई है।

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उस पर 22 तारीख को उच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि राज्य और रेलवे के अफसर तुरंत रायपुर में मीटिंग करके कोचेस दिलाये जाने के संबंध में निर्णय ले, जिस पर 23 तारीख को राज्य के महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा और रेल के वकील ने बताया कि अभी राज्य के पास पर्याप्त बिस्तर उपलब्ध है और संसाधन उपलब्ध है इसलिए अभी इसकी जरूरत नही है ,इस पर आज उच्च न्यायालय के खंडपीठ मुख्यन्यायाधीश पी आर रामचन्द्र मेनन और न्यायमूर्ति पी पी साहू ने फैसला दिया कि अभी इस आवेदन पर हम किसी भी प्रकार का निर्देश नही दे रहे लेकिन यह आदेश देते है कि जब राज्य को जरूरत हो तो वह अपने नोडल अफसर से प्रतिवेदन भेजकर मांग करेगी,जिस पर रेलवे तुरंत कारवाही करते हुए आने SOP के तहत 2 ऑक्सीजन युक्त 8 बेड वाली प्रति कोचेस अन्य SOP में दर्शाए गए निर्देश के अनुरूप तुरंत कोचेस देगी।

आज हाई कोर्ट ने अपने निर्देश में कहा कि एक केंद्रीय कृत नेटवर्क बनाये जिसमे सभी सी एमओ आपस मे कनेक्ट रहे और एक दूसरे जिले को डेटा देते रहे और एक जिले के मरीज को अन्य जिले में जरूरत हो तो अस्पताल में इलाज के लिए बिस्तर उपलब्ध करवाए, हर जिले में एक हेलो डेस्क बनाये जिस्से बिस्तर की उपलब्धता, ऑक्सीजन की उपलब्धता की जानकारी एक क्लिक से मिल पाए। हम राज्य को निर्देश देते है कि केंद्रीय कृत नेटवर्क का मुख्यालय रायपुर में होगा।

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जिला कलेक्टर को पंडेमिक कानून के तहत विभिन्न अधिकार है ,वह अपने अपने क्षेत्र के CMHO से प्रभावी सहायता लेवे और नजदीक से मोनिटरिंग करे। हमे यह भी बताया गया कि प्राइवेट हॉस्पिटल कोविड मरीज से ऑक्सीजन और अन्य सुविधाओं के लिए मनमानी शुल्क ले रहे है ,हम राज्य को निर्देश देते है कि वह सभी प्रकार की कोविड संबंधी जांच की राशि तुरंत तय करे और उसे जारी करे ,जिससे मरीजो का दोहन रुक सकेगा।राज्य को यह भी निर्देश दिया जाता है कि ऑक्सीजन को सभी अस्पताल में उपलब्धता के लिए तुरंत सभी पक्षो की एक बैठक तुरंत करे और आगामी कार्य योजना ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की बनाये,

जिससे छत्तीसगढ़ राज्य में ऑक्सीजन के अभाव में किसी कोविड मरीज की मौत ना हो। डिवीज़न बेंच ने यह भी आदेश दिया कि RTPCR टेस्ट को बढ़ाया जाए और रिपोर्ट तुरंत उपलब्ध करवाए जिससे मरीज को तुरंत इलाज मिल सके। सभी पक्षो के वकीलो में राज्य की तरफ से महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा, हस्तक्षेप करता कि तरफ से सुदीप श्रीवास्तव ,संदीप दुबे, न्याय मित्र प्रभुल भारत, पलाश तिवारी , केंद्र की तरफ से रमाकांत मिश्र उपस्थित हुए।

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