नोटबंदी से कोई नुकसान नहीं, लेकिन GST ने डाला फिल्‍मों के बिजनेस पर असर: सिद्धार्थ रॉय कपूर

सिद्धार्थ ने अपने इस इंटरव्‍यू में कहा, 'जहां तक जीएसटी की बात है, तो इसके बारे में अभी भी कुछ कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन निश्चित रूप से फिल्म निर्माण की प्रक्रिया में आर्थिक तौर पर आने वाली कुल लागत के मद्देनजर नुकसान पहुंचा है'

नई दिल्‍ली:

इस साल बॉलीवुड में कई बड़ी फिल्‍में बॉक्‍स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी हैं तो कई फिल्‍में दर्शक सिनेमाघरों तक ला ही नहीं पायीं. ऐसे में बॉलीवुड के कई बड़े जानकार इसके लिए फिल्‍मों के गिरते कंटेंट को जिम्‍मेदार ठहरा रहे हैं.

लेकिन ‘फिल्म एंड टेलीविजन प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ के अध्यक्ष सिद्धार्थ रॉय कपूर की मानें तो सिनेमाघरों की हालत और फिल्‍मों की अर्थव्‍यवस्‍था पर जीएसटी ने असर डाला है.

न्‍यूज एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार सिद्धार्थ रॉय कपूर का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा 2017 के मध्य में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू किए जाने के बाद से यह साबित हुआ है कि इससे फिल्म निर्माण की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है और सिनेमाघर जाने वाले दर्शकों की संख्या में भी कमी आ रही है.

उन्होंने यह बात एक ईमेल साक्षात्कार में आईएएनएस को बताई. जब उनसे पूछा गया कि 8 नवंबर, 2016 को नोटबंदी की घोषणा के बाद और 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से बॉलीवुड के व्यवयास पर क्या असर पड़ा है, तो उन्होंने कहा,

‘जहां तक जीएसटी की बात है, तो इसके बारे में अभी भी कुछ कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन निश्चित रूप से फिल्म निर्माण की प्रक्रिया में आर्थिक तौर पर आने वाली कुल लागत के मद्देनजर नुकसान पहुंचा है, क्योंकि मूल्य श्रृंखला के विभिन्न चरणों में विभिन्न टैक्स दरों के कारण फिल्म की पूरी लागत वसूल नहीं हो पाती है.’

उन्होंने कहा, “दूसरी बात यह है कि 100 रुपये से ज्यादा मूल्य के सिनेमा टिकटों पर 28 फीसदी टैक्स लगने के चलते दर्शकों के सिनेमाघर जाने की आदत में कमी आ आई है, इससे वास्तव में फिल्म निर्माण की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है.’

100 रुपये से कम कीमत वाले टिकट पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है. उन्होंने अपने इस इंटरव्‍यू में कहा कि 500 रुपये और 1,000 रुपये के नोट बंद होने से फिल्म उद्योग पर ज्यादा असर नहीं पड़ा, क्योंकि एक दशक से ज्यादा समय से यह उद्योग नकदी लेनदेन से मुक्त है.

साल 2017 में भारतीय सिनेमा को ‘बाहुबली 2’ जैसी धमाकेदार फिल्‍म मिली है. लेकिन इसके अलावा बॉलीवुड के लिए कोई खास नहीं रहा. बड़े-बड़े सितारों की फिल्‍में बॉक्‍स ऑफिस पर पिट गईं और कई मसाला फिल्‍में बॉक्‍स ऑफिस तक दर्शकों को खींच कर नहीं ला पायीं.

बॉलीवुड के लिये यह साल रचनात्मकता और बॅाक्स ऑफिस, दोनों ही मामलों में खराब रहा.इस इंटरव्‍यू में सिद्धार्थ ने कहा कि जब नोटबंदी की घोषणा हुई, तो बॉक्स ऑफिस पर इसका अस्थायी प्रभाव देखने को मिला और जब दो महीने से भी कम समय के भीतर फिल्म ‘दंगल’ रिलीज हुई, तो यह उस समय कमाई करने के मामले में सबसे बड़ी हिंदी फिल्म साबित हुई.

रॉय कपूर फिल्म्स (आरकेएफ) के बैनर तले फिल्म बना रहे सिद्धार्थ बतौर निर्माता हिंदी में डब ‘बाहुबली’ को बदलाव का एक बड़ा वाहक मानते हैं. उनका मानना है कि फिल्म की सफलता शानदार कहानी और शानदार पटकथा पर निर्भर करती है, इसलिए बेहतरीन लेखन पर ध्यान देने की जरूरत है.

बता दें कि सिद्धार्थ आरकेएफ के बैनर तले अंतरिक्षयात्री राकेश शर्मा के जीवन पर बनने वाली फिल्म के साथ ही नीतेश तिवारी की अगली फिल्म को लेकर उत्सुक हैं.

तिवारी की यह फिल्म किताब ‘हाउ आइ ब्रेव्ड अनु आंटी एंड को-फाउंडेड अ मिलियन डॉलर कंपनी’ पर आधारित है. फिल्म निर्माण के अलावा ओरिजनल वीडियो कंटेंट के निर्माण के लिए आरकेएफ रिलायंस जियो के साथ साझेदारी के जरिए डिजिटल मीडिया में भी आगाज करेगा.
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