ईओडब्ल्यू/एसीबी ने किया बडी कार्यवाही, जिला कोरबा में हुए भारी अनियमितता के खिलाफ की कार्यवाही

क्रमांक 24/2019
धारा- भादवि की धारा 409 120(बी) एवं भ्र.नि.अ. 1988 यथा संशोधित भ्र.नि.अ. 2018 की 13 (1) (क)
आरोपीगण का नाम:-
1. श्री श्रीकांत दुबे, तत्कालीन नोडल अधिकारी जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा एवं तत्कालीन सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग कोरबा छत्तीसगढ़
2. कार्य से संबंधित अन्य शासकीय अधिकारी/कर्मचारी
3. मे0 साहू एसोसिएट्स रायपुर (संबंधित ठेकेदार)

महत्वपूर्ण बिंदुः-

कार्य:- एजुकेशन हब का निर्माण।
कार्य का विवरण:- स्याही मुडी कोरबा में 2400 सीटर एकीकृत आवासीय शैक्षणिक परिसर का निर्माण।
कुल लागत- 4965.10 लाख।
अनियमितताओं का विवरणः-
1. प्रस्ताव राज्य सरकार को प्रेषित किया जाना लेकिन शासन स्तर से अनुमोदित/स्वीकृति प्राप्त नही करना।
2. ई-टेंडरिंग न कर मैनुअल पद्धति से निविदा आमंत्रित करना।
3. ठेकेदार से अमानत राशि के रूप में नियमानुसार ₹148.95 लाख रुपए जमा कराने के बजाय मात्र ₹50 लाख जमा कराया जाकर ठेकेदार को ₹99 लाख का लाभ पहुंचाना।
4. तकनीकी स्वीकृति की राशि ₹4574.53 लाख के विरूद्ध ₹4965.10 लाख की निविदा आमंत्रित किया जाना।
5. एजुकेशन हब के निर्माणाधीन रहते हुए भी पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास कोरबा (42.19 लाख रुपये), प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम राहा (21.68 लाख रुपये), प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम दर्री (34.68 लाख रुपये), आदर्श एकलव्य आदिवासी विद्यालय छुरीकला में निर्मित ऑडिटोरियम में सीटिंग एवं विद्युत व्यवस्था का कार्य (40.42 लाख रुपए) को किया जाना।
6. प्रशासनिक स्वीकृति 4965.10 लाख रुपए के विरुद्ध 5435.20 लाख रुपये कर 469.10 लाख रुपए का अधिक व्यय किया जाना, इसी तरह तकनीकी स्वीकृति 5344.05 लाख रुपए से 90.19 लाख रुपए का कार्य अधिक एवं बिना तकनीकी स्वीकृति के कराया जाना।
7. वास्तुविद के भुगतान को ठेकेदार के अनुबंध में शामिल न कर पृथक से 7432521 रुपए का भुगतान किया जाना।
8. बिना किसी टेंडर के 218540 रूपये का मार्बल क्रय के लिए भुगतान किया जाना।
9. रूपये 28.04 लाख रूपये का अतिरिक्त कार्य, ठेकेदार से सीपेट की मांग पर बिना टेंडर के व्यय किया जाना।
10. 700 नग डाॅरमेन्ट्री रूम के इंटीरियर वर्क के लिए 13433700 रूप्ये का कार्यआदेश जारी किया जाना। इसमें से 580 नग का भौतिक सत्यापन नहीं कराया जाकर बिना गुणवत्ता परीक्षण के सामग्री भुगतान किया जाना।
11. ठेकेदार को 9 आइटमों के लिए बढ़ी हुई लागत दर पर सामग्री के लिए 1.19 करोड रुपए का अधिक भुगतान करना।
12. 120 विद्यार्थियों के लिए 700 नग फर्नीचर खरीदकर 8578780 रूप्ये का अतिरिक्त भुगतान करना।
13. बैंक गारंटी न लेकर ठेकेदार को 2.57 करोड रूप्ये का लाभ पहुंचाना।
14. नान शेड्यूल आयटम के बिलिंग में 22.20 लाख रूप्ये का अतिरिक्त पेमेंट करना।
15. इसी तरह 1.54 लाख रूप्ये का अतिरिक्त भुगतान करना।

कार्य- छात्रावास/आश्रमों से संबंधित कार्य
कार्य का विवरण- जिले के छात्रावास/आश्रम के निर्माण एवं मरम्मत संबंधी कार्य
कुल लागत- अलग-अलग
अनियमितताओं का विवरणः-
1. दिनांक 11/03/2018 को कलेक्टर कोरबा के द्वारा जारी कुल 14 कार्य के लिए राशि ₹222.04 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति आदेश में उक्त 14 कार्य को बिना किसी तकनीकी स्वीकृति के करा लेना।
2. वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 में स्वीकृत 70 कार्यों में से 6 कार्यों को नियम विरूद्ध तरीके से बिना निविदा आमंत्रित किए कराया जाकर वित्तीय अनियमितता जिसकी कुल लागत ₹21 लाख है।
3. उक्त 70 कार्यों में से 28 कार्यों को बिना तकनीकी स्वीकृति के कराया जाना जिसकी लागत 403.51 लाख रुपए है।

कार्य- लाइवलीहुड कॉलेज
कार्य का विवरण- लाइवलीहुड कॉलेज कोरबा में भवन निर्माण संबंधी कार्य
कुल लागत- 371.59 लाख
अनियमितताओं का विवरणः-
1. तकनीकी स्वीकृति की राशि ₹188.55 लाख रुपए के स्थान पर ₹197.56 लाख के निविदा आमंत्रित किया गया।
2. आर्किटेक्ट एवं इंटीरियर को बिना किसी निविदा के ₹5.4 लाख का कार्य आदेश जारी किया जाना।
3. बाहरी विकास एवं विद्युतीकरण हेतु 3.3 लाख रुपए का प्रावधान वास्तुविद के लिए बिना किसी निविदा के किया जाना।

कार्य-फ्लेक्स प्रिंटिंग कार्य
कार्य का विवरण- फ्लेक्स एसीपी सीट प्रिंटिंग संबंधित कार्य
कुल लागत- 9लाख रूप्ये
अनियमितताओं का विवरणः- बिना किसी निविदा के भंडार क्रय नियमों का पालन किए बिना कार्य कराया जाना।

कार्य- गणवेश एवं अन्य सामग्री
कार्य का विवरण- छूरीकला विकासखंड के छात्रों हेतु गणवेश एवं अन्य सामग्री खरीदी के संबंध में कार्य
अनियमितताओं का विवरणः- न्यूनतम दर को स्वीकृत ना कर एल-2 को मनमाने ढंग से क्रय आदेश देकर इच्छीत फंड को लाभ पहुंचाना।

कार्य- स्मार्ट क्लास
कार्य का विवरण- एकलव्य विद्यालय छूरीकला में स्मार्ट क्लास निर्माण
कुल लागत- ₹5 लाख
अनियमितताओं का विवरणः- ₹5 लाख के आवंटन के विरुद्ध ₹9.15 लाख का कार्य कराना एवं बजट स्वीकृति के पूर्व भी निविदा आमंत्रित कर लेना।

कार्य- गीजर खरीदी
कार्य का विवरण- गीजर एवं वाटर प्यूरीफायर खरीदी
अनियमितताओं का विवरणः- खुली निविदा के माध्यम से खरीदी न कर कोटेशन के माध्यम से खरीदी करना।

कार्य- सीसीटीवी खरीदी
कार्य का विवरण- कन्या आश्रम/छात्रावासों में सीसीटीवी खरीदी कार्य
कुल लागत- 10.50 लाख
अनियमितताओं का विवरणः- बिना गुणवत्ता एवं भौतिक सत्यापन के खरीदी करना एवं प्रशासकीय स्वीकृति आदेश जारी होने के पूर्व भी निविदा आमंत्रित कर लेना।

कार्य- जिम सामग्री की खरीदी
कार्य का विवरण- 12 छात्रावासों हेतु जिम सामग्री की खरीदी
कुल लागत- 60 लाख
अनियमितताओं का विवरणः- बिना गुणवत्ता का सक्षम समिति से जांच कराए खरीदी करना।

कार्य- बिना तकनीकी स्वीकृति के कार्य
कार्य का विवरण- 70 विभिन्न कार्यों में से 28 कार्यों के संबंध में
कुल लागत- 403.51 लाख
अनियमितताओं का विवरणः- स्वीकृत 70 कार्यों में से 28 कार्य बिना किसी तकनीकी स्वीकृति के जो राशि 403.51 लाख रूप्ये के थे उन्हें कराया जाना। जिनमें मरम्मत, विद्युतीकरण, नवीनीकरण जैसे कार्य सम्मिलित हैं।

कार्य- गणवेश क्रय
कार्य का विवरण- गणवेश क्रय घोटाले के संबंध में जांच समिति के द्वारा जांच की गई है।
अनियमितताओं का विवरणः- अलग-अलग विकासखंडों के स्कूलों के गणवेश के लिए क्रय किए गए कपड़े के संबंध में समिति ने जांचकर रिकवरी के आदेश दिए हैं।

अन्य कार्य
1. छात्रावास भवनों के निर्माण में मरम्मत में लाखों रुपए का व्ययन।
2. आदिवासी विकास विभाग द्वारा स्वीकृत 162 कार्यों में भारी भ्रष्टाचार जैसे 32.50 लाख रुपए में निर्मित किए गए छात्रावासों की मरम्मत के नाम पर 42-42 लाख रुपए खर्च कर दिया जाना।
3. बिना निविदा के डॉक्यूमेंट्री बनाने में लगभग ₹60 लाख खर्च।
4. उपस्वास्थ्य केंद्रों जिसकी लागत ₹19 लाख आनी थी ₹25.5 लाख में बनवाना।
5. पिकनिक स्पाट में कौशल विकास ट्रेनिंग के नाम पर 2 करोड रूप्ये दीगर कार्यों में खर्च कर देना।
6. बिना आवश्यकता के हाथियों के पानी के नाम पर लगभग 1 करोड़ के लागत से एनीकट बनाना।
7. आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण जो 5 लाख रूप्ये में होना था उन्हें 6.45 लाख रूप्ये में बनाना।
8. इसके अतिरिक्त वर्ष 2013 से किए गए विभिन्न कार्यों में भी करोड़ों रुपए का अनियमित व्ययन किया गया है।

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