ईपीएस -95 के पेंशनरों ने निकाली रैली…संघ ने कहा -सुको के नियमों का पालन हो

संघ ने दी चेतावनी ,मांग पूरी नहीं तो 7 अप्रैल से करेंगे उग्र प्रदर्शन

रायपुर : ईपीएस -95 के पेंशनरों ने लंबित मांगो को लेकर रैली निकाली. पेंशनरों ने आरोप लगाया कि ईपीएस 95 पेंशनधारियों द्वारा भगत सिंह कोशियरी कमेटी की सिफारिशों और सुप्रीम कोर्ट के गत 4 अक्टूबर 2016 को दिये गये निर्णय के बाद भी पेंशन केंद्र सरकार द्वारा नहीं दी जा रही है.

अखिल भारतीय ईपीएस -95 पेंशनर्स संघर्ष समिति छत्तीसगढ़ इकाई के बैनर तले प्रभावितों ने कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर शीघ्र मांगों को पूरा कराने की गुहार लगाई.संघ के सदस्यों ने बताया कि मात्र 1 हजार रू प्रतिमाह पर पेंशनर्स गुजारा करने को मजबूर है .

ऐसी गंभीर परिस्थितियों को भोगने के बावजूद भी पेंशनर्स की संसद के मौजूदा सत्र में 6 अप्रैल तक उक्त मांगें पूर्ण नहीं की जाती है तो देश के हजारों पेंशनर्स 7 अप्रैल से देशभर में उग्र आंदोलन छेड़ेंगे. पेंशनर्स की स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि वे आम लोगों से 1 रू भिक्षा लेकर अपना जीवन यापन करने पर मजबूर है. इस संबंध में कोशियरी कमेटी द्वारा देश की नवरत्न मंडल के अंतर्गत सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों एनएमडीसी एनटीपीसी, बीएसपी, बाल्को, एचएससीएल, एचएएल एवं बीएचईएल (भेल)में हजारों पेंशनर्स ने अपनी दिन रात की मेहनत से कंपनी को अधिकाधिक लाभ की स्थिति पहुंचाया.

उपरोक्त में से कई कंपनियों को अनेकों बार प्रधानमंत्री पुरस्कार से भी नवाजा गया है. पेंशनर्स में से अधिकांश पेंशनर्स ऐसे है जो बिस्तर पर है। चलने फिरने की स्थिति में भी नहीं है. संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार राउत ने कहा कि संगठन ने मांग की है कि पेंशनर्स की न्यूनतम पेंशन 7 हजार 500 रू तत्काल प्रभाव से लागू की जाए, केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त कार्यालय से जारी पत्र & 1 मई 2016 को तत्काल रदद किया जाए, सुप्रीम कोर्ट का निर्णय केंद्र सरकार तुरंत लागू करें.

स्वीकृत पेंशन को अंतर की राशि में जोड़ा जाए, पेंशनर्स को निधन के उपरांत फंड में निहित राशि उसके कानूनी उत्तराधिकारी को सौपी जाए, दो वर्षीय वेटेज का लाभ समस्त पेंशनर्स को दिया जाए, जिन पेंशनर्स को 1 हजार रू प्रतिमाह दिया जा रहा है, उन्हें न्यूनतम पेंशन एरियर्स का लाभ तत्काल दिया जाए. साथ ही ईपीएस 95 पेंशनर्स के लिए व्यापक मेडिकल स्कीम बनाई जाए.

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