मूल्यांकन प्रक्रिया में त्रुटि, अतिथि प्राध्यापकों को मिलता है मुश्किल से 5 माह का काम

कालेजों में में शिक्षकों के 28,404 पद रिक्त

रायपुर। पूरे प्रदेश के कॉलेज शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं,और दूसरी ओर देखे तो अतिथी प्राध्यापकों को कॉलेजों में पूरे शिक्षा सत्र के दौरान रोजगार से वंचित किया जा रहा है।

पूरे छत्तीसगढ़ के कालेजों में में शिक्षकों के 28,404 पद रिक्त हैं। इस मामले में मरवाही विधायक अमित जोगी ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 250 कॉलेजों में लगभग 1,500 लोगों को अतिथि प्राध्यापक बनाकर शिक्षण कार्य में लगाया जा रहा है।

लेकिन उन्हें एक साल में मुश्किल से 5 महिनों का कार्य मिलता है।

नवंबर के आस पास उन्हें शिक्षण कार्य में लगाया जाता है, और फरवरी के अंत में उन्हें रिलीज़ कर दिया जाता है। जोगी ने कहा कि अतिथि प्राध्यापकों की मूल्यांकन प्रक्रिया में भी खोट है।

प्राध्यापकों का मूल्यांकन प्रति वर्ष के 4 अंकों के हिसाब से 5 वर्षों के लिए कुल 20 अंक पर किया जाता है।

लेकिन उच्च शिक्षा विभाग द्वारा यहाँ के अतिथि प्राध्यापकों को प्रति वर्ष के 4 अंक नहीं मिलते हैं। जिस वजह से मेरिट में दूसरे राज्यों के लोगों से पिछड़ जाते हैं। और परिणामस्वरूप बाहरी लोगों को अतिथि प्राध्यापक बनने का मौका मिल जाता है।

जोगी ने बताया कि 1 जुलाई से कॉलेजों में शिक्षा सत्र प्रारम्भ हो चुका है लेकिन अभी भी प्राध्यापकों की नियुक्ति नहीं हुई है जिसका खामियाजा कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थी भुगत रहे हैं।

अमित जोगी ने राज्य शासन से मांग करी कि कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए अतिथि प्राध्यापकों को नियमित किया जाए साथ ही मूल्यांकन प्रक्रिया की त्रुटियों को सुधारा जाए जिससे छत्तीसगढ़ के लोगों को प्राध्यापक बनने का पहला हक़ मिले।

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