तेंदुपत्ता संग्राहकों को किया जा रहा कम भुगतान : मोहम्मद अकबर

मोहम्मद अकबर ने साधा सरकार पर निशाना

तेंदुपत्ता संग्राहकों को किया जा रहा कम भुगतान : मोहम्मद अकबर

रायपुर : तेंदुपत्ता संग्रहण में घोटाले को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार को घेरने का प्रयास किया था. इसी कड़ी में अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहम्मद अकबर ने भी तेंदुपत्ता संग्राहकों को भुगतान नहीं होने का मामला उठाया है.

मोहम्मद अकबर ने कहा कि तेन्दूपत्ता विक्रय से मिलने वाली राशि का पूर्ण भुगतान तेन्दूपत्ता संग्राहकों को नहीं किया जा रहा है.उन्होंने कहा कि तेन्दूपत्ता विक्रय से हुई आय व तेन्दूपत्ता संग्राहक आदिवासियों व वनवासियों को किए गए भुगतान के अंतर की राशि कई हजार करोड़ रूपये की है।

अकबर ने बताया कि छत्तीसगढ़ का तेन्दूपत्ता देश का सर्वाधिक अच्छा पत्ता माना जाता है। 2018 के सीजन के तेन्दुपत्ता का अग्रिम निविदा द्वारा विक्रय से औसत दर 5847 रूपये प्रति मानक बोरा आया है, परन्तु तेन्दूपत्ता संग्राहकों को केवल 2500/- रूपये प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान करने का निर्णय मुख्यमंत्री ने लिया है।

इसके लिए मुख्यमंत्री को संवेदनशील बताने इसका ढिंढोरा पीटा जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि प्रति मानक बोरा 3347.00 रूपये कम भुगतान कर संग्राहकों के खून पसीने की कमाई की 57 प्रतिशत राशि हड़प ली जा रही है।

मोहम्मद अकबर ने आंकड़ों सहित जानकारी देते हुये बताया कि 2018 सीजन में 17 लाख मानक बोरा के विक्रय का कुल मूल्य 994 करोड़ रूपये है। रमन सरकार तेन्दूपत्ता तोड़ने वाले गरीब आदिवासियों व वनवासियों को केवल 425 करोड़ रूपये भुगतान करेगी। इस तरह रमन सरकार गैरकानूनी तरीके से 569 करोड़ रूपये हड़प कर तेन्दूपत्ता तोड़ाई करने वाले गरीबों का हक मार रही है।

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